कांग्रेस ने उत्तराखंड में सरकारी भूमि व धरोहर निजी हाथों में सौंपने का लगाया आरोप

WhatsApp Channel Join Now
कांग्रेस ने उत्तराखंड में सरकारी भूमि व धरोहर निजी हाथों में सौंपने का लगाया आरोप


नई दिल्ली, 04 नवंबर (हि.स.)। कांग्रेस ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी पर राज्य की सरकारी भूमि और ऐतिहासिक धरोहरों को निजी कंपनियों के हाथों में सौंपने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि राज्य के 13 में से 12 जिलों में 40 सरकारी भूमि और ऐतिहासिक संपत्तियों को निजी हाथों में देने की प्रक्रिया चल रही है। इनका बाजार मूल्य कम से कम एक लाख करोड़ रुपये है। कांग्रेस ने इसके विरोध में बुधवार को राज्यभर में ‘भूमि बचाओ-धामी हटाओ’ अभियान शुरू किया है।

कांग्रेस महासचिव एवं उत्तराखंड की प्रभारी कुमारी शैलजा ने बुधवार को यहां पार्टी मुख्यालय में पत्रकार वार्ता में कहा कि मुख्यमंत्री धामी ने सरकारी जमीन और संपत्तियों को निजी हाथों में सौंपने का अंतिम अधिकार अपने पास रखा है। उन्होंने आरोप लगाया कि जनवरी 2025 और नवंबर 2025 में मुख्यमंत्री की मंजूरी से सरकारी विभागों की करीब 1,080 एकड़ जमीन होटल और निवेश के नाम पर निजी उपयोग के लिए देने का रास्ता खुला।

उन्होंने नैनीताल के पटवाडांगर का उदाहरण देते हुए आरोप लगाया कि 108 एकड़ जमीन के स्वामित्व को लेकर सरकारी अभिलेखों में स्थिति स्पष्ट नहीं थी। इसके बावजूद इस जमीन के 13.64 एकड़ हिस्से को 90 साल के लिए देने की निविदा जारी की गई है। इसका आरक्षित मूल्य 37.80 करोड़ रुपये और वार्षिक किराया पांच रुपये प्रति वर्ग मीटर रखा गया है। हरिद्वार के अलकनंदा होटल और ऋषिकेश के निरीक्षण भवन सहित ब्रिटिशकालीन 24 अन्य निरीक्षण भवनों को भी निजी कंपनियों को देने की तैयारी है।

शैलजा ने आरोप लगाया कि दिसंबर 2022 में मंत्रिमंडल ने सरकारी जमीन पर अंतिम अधिकार मुख्यमंत्री को देने और संपत्तियों के मौद्रीकरण के लिए उत्तराखंड निवेश एवं अवसंरचना विकास बोर्ड (यूआईआईडीबी) गठित करने का फैसला किया था। उन्होंने कहा कि यूआईआईडीबी अधिनियम के तहत संपत्तियों के मौद्रीकरण के लिए राज्य सरकार और संबंधित विभाग की मंजूरी जरूरी है, लेकिन विभागीय मंत्रियों की सहमति के बिना फैसले किए गए।

उन्होंने मसूरी के जॉर्ज एवरेस्ट एस्टेट का जिक्र करते हुए कहा कि 142 एकड़ जमीन और धरोहर संपत्ति को 15 साल के लिए एक निजी कंपनी को करीब एक करोड़ रुपये सालाना किराये पर दिया गया। कांग्रेस ने पहले भी इस मामले को उठाया था और राज्य की जमीन तथा पहचान बचाने के लिए संघर्ष जारी रखेगी।

शैलजा ने कहा कि पार्टी के वरिष्ठ नेता राज्यपाल से मिलकर मुख्यमंत्री के फैसलों को रद्द करने की मांग करेंगे। गैरसैंण में मशाल जुलूस निकाला जाएगा। मांगें नहीं मानी गईं तो कांग्रेस उच्च न्यायालय का रुख करेगी।

------------

हिन्दुस्थान समाचार / प्रशांत शेखर

Livevns.news Desk
Livevns.news Desk

772051 Articles

Share this story