हल्द्वानी शुद्धिकरण मामले में खरगे ने नड्डा को लिखा पत्र, 24 दिन बाद भी एफआईआर नहीं होने पर जताई नाराजगी

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हल्द्वानी शुद्धिकरण मामले में खरगे ने नड्डा को लिखा पत्र, 24 दिन बाद भी एफआईआर नहीं होने पर जताई नाराजगी


हल्द्वानी शुद्धिकरण मामले में खरगे ने नड्डा को लिखा पत्र, 24 दिन बाद भी एफआईआर नहीं होने पर जताई नाराजगी


नई दिल्ली, 03 सितंबर (हि.स.)। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने हल्द्वानी जनसभा स्थल के तथाकथित ‘शुद्धिकरण’ मामले में 24 दिन बाद भी प्राथमिकी दर्ज नहीं होने पर नाराजगी जताई है। उन्होंने राज्यसभा में सदन के नेता जगत प्रकाश नड्डा को पत्र लिखकर उत्तराखंड सरकार को निर्देश देकर मामले में शामिल लोगों और संगठनों के खिलाफ तत्काल प्राथमिकी दर्ज कराने तथा दोषियों पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने का आग्रह किया है।

खरगे ने बुधवार को नड्डा को लिखे पत्र में 13 अगस्त को राज्यसभा में हुई चर्चा का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि 8 अगस्त 2026 को हल्द्वानी के रामलीला मैदान में उनकी जनसभा के बाद कुछ संगठनों की ओर से कथित तौर पर छुआछूत आधारित शुद्धिकरण कराया गया था। उस समय नड्डा ने सदन में घटना को अत्यंत दुखद बताते हुए जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का भरोसा दिया था। राज्यसभा के सभापति ने भी घटना पर खेद जताया था।

खरगे ने पत्र में नड्डा के सदन में दिए आश्वासन का हवाला देते हुए कहा कि इतने स्पष्ट आश्वासन के बावजूद हल्द्वानी पुलिस-प्रशासन की ओर से अब तक प्राथमिकी दर्ज नहीं किया जाना निराशाजनक और हैरान करने वाला है। उन्होंने नड्डा से अपने आश्वासन के अनुरूप उत्तराखंड सरकार को आवश्यक निर्देश देने का आग्रह किया।

कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि रामलीला मैदान के स्थल का तथाकथित शुद्धिकरण कराया जाना भारतीय संविधान की मूल भावना और मानवीय मूल्यों के विपरीत है। उन्होंने इसे छुआछूत और जातिवादी मानसिकता से जुड़ा बताया। खरगे ने ऐतिहासिक संदर्भ देते हुए कहा कि बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर के महाड़ आंदोलन के दौरान तालाब से पानी पीने के बाद भी जातीय दंभ से भरे लोगों ने गोमूत्र, गोबर और मंत्रोच्चार से शुद्धिकरण किया था।

खरगे ने कहा कि केवल मंत्र पढ़ने या हवन करने से कोई जातिवादी प्रक्रिया पावन नहीं हो जाती। यह मामला उनके व्यक्तिगत आत्मसम्मान या कांग्रेस अध्यक्ष पद तक सीमित नहीं है, बल्कि देश के उन करोड़ों वंचित लोगों की भावनाओं से जुड़ा है, जो ऐसी सामाजिक वास्तविकताओं का सामना करते हैं।

उन्होंने नड्डा से मांग की कि सदन में दिए गए आश्वासन के अनुरूप उत्तराखंड सरकार को स्पष्ट निर्देश जारी किए जाएं और हल्द्वानी की घटना के लिए जिम्मेदार संगठनों एवं व्यक्तियों के खिलाफ बिना किसी विलंब के कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

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हिन्दुस्थान समाचार / प्रशांत शेखर

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