राष्ट्रमंडल खेलों में भारतीय एथलीट पहली बार जूट परिधानों का करेंगे प्रदर्शन

WhatsApp Channel Join Now
राष्ट्रमंडल खेलों में भारतीय एथलीट पहली बार जूट परिधानों का करेंगे प्रदर्शन


नई दिल्ली, 07 जुलाई (हि.स)। इस साल के आगामी राष्ट्रमंडल खेलों में भारतीय एथलीट अपने खेल के साथ-साथ अब अपनी पोशाक से भी दुनिया को आकर्षित करेंगे। इसका उद्देश्य सतत वस्त्र और प्राकृतिक रेशों को बढ़ावा देना है।

दिल्ली में मंगलवार को राष्ट्रमंडल खेल 2026 के लिए आधिकारिक किट का अनावरण और भारतीय दल के लिए विदाई समारोह आयोजित किया गया।

वस्त्र मंत्रालय के अनुसार यह पहली बार है, जब किसी अंतरराष्ट्रीय बहु-खेल आयोजन में जूट आधारित परिधानों का प्रदर्शन किया जाएगा। इस बार भारतीय दल स्कॉटलैंड के ग्लासगो में जूट-विस्कोस मिश्रित परिधान पहने नजर आएगा। इस पहल से न केवल वैश्विक वस्त्र बाजार में भारत का दबदबा बढ़ेगा, बल्कि जूट विविवधीकरण कार्यक्रम को भी एक नई मजबूती मिलेगी। 23 जुलाई से 2 अगस्त तक आयोजित होने वाले इन खेलों में कुल 72 देश भाग लेंगे। भारत की ओर से 124 सदस्यों का एक दल होगा, जिसमें 78 पुरुष और 46 महिला एथलीट शामिल होंगे।

मंत्रालय के मुताबिक, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 'मेक इन इंडिया' विजन से प्रेरित होकर, वस्त्र मंत्रालय के अधीन राष्ट्रीय जूट बोर्ड (एनजीबी) ने इस 100 प्रतिशत जैव अपघटनीय कपड़े को तैयार किया है। यह परिधान न केवल पर्यावरण के अनुकूल हैं बल्कि यह भारतीय जूट किसानों के योगदान और देश के पारंपरिक कारीगरों की कला को वैश्विक स्तर पर एक नई पहचान देंगे।

इस नवोन्मेषी कपड़े को विकसित करने के लिए राष्ट्रीय जूट बोर्ड ने कोलकाता की ग्लोस्टर जूट मिल्स के साथ साझेदारी की थी। इसके बाद, दिल्ली स्थित राष्ट्रीय फैशन प्रौद्योगिकी संस्थान (निफ्ट) ने इस विशेष कपड़े का उपयोग करके भारतीय दल के लिए इन आधुनिक और आरामदायक परिधानों को डिजाइन किया है।

इस मौके पर केंद्रीय युवा मामले एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया, केंद्रीय वस्त्र मंत्री गिरिराज सिंह, युवा मामले एवं खेल राज्य मंत्री रक्षा खडसे, भारतीय ओलंपिक संघ के अध्यक्ष पीटी उषा और भारतीय ओलंपिक संघ की कार्यकारी परिषद के सदस्य मौजूद रहे।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / श्रद्धा द्विवेदी

Share this story