धामी बोले-श्रद्धालुओं की सुरक्षित, स्वस्थ और सुगम यात्रा हमारी प्राथमिकता, ग्राउंड जीरो पर यात्रा व्यवस्थाओं को देखें अधिकारी

धामी बोले-श्रद्धालुओं की सुरक्षित, स्वस्थ और सुगम यात्रा हमारी प्राथमिकता, ग्राउंड जीरो पर यात्रा व्यवस्थाओं को देखें अधिकारी
धामी बोले-श्रद्धालुओं की सुरक्षित, स्वस्थ और सुगम यात्रा हमारी प्राथमिकता, ग्राउंड जीरो पर यात्रा व्यवस्थाओं को देखें अधिकारी


धामी बोले-श्रद्धालुओं की सुरक्षित, स्वस्थ और सुगम यात्रा हमारी प्राथमिकता, ग्राउंड जीरो पर यात्रा व्यवस्थाओं को देखें अधिकारी


धामी बोले-श्रद्धालुओं की सुरक्षित, स्वस्थ और सुगम यात्रा हमारी प्राथमिकता, ग्राउंड जीरो पर यात्रा व्यवस्थाओं को देखें अधिकारी


























-चारों धामों में 31 मई तक वीआईपी दर्शन स्थगित करने के दिये निर्देश

-चारधाम यात्रा प्रदेश की लाइफ लाइन है, यह राज्य की आर्थिकी से जुड़ी है

देहरादून, 16 मई (हि.स.)। मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षित, स्वस्थ और सुगम यात्रा हमारी प्राथमिकता है। सुरक्षित और सुगम चारधाम यात्रा के लिए शासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों को सड़क मार्ग से ग्राउंड जीरो पर यात्रा व्यवस्थाओं को देखने को निर्देश दिए हैं। साथ ही मुख्यमंत्री ने चारों धामों में 31 मई तक वीआईपी दर्शन की व्यवस्था स्थगित रखने के निर्देश दिए हैं।

गुरुवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में चारधाम यात्रा व्यवस्थाओं की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिये कि सुरक्षित और सुगम चारधाम यात्रा के लिए शासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी सड़क मार्ग से ग्राउंड जीरो पर यात्रा व्यवस्थाओं को देंखें।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि हमारी पहली प्राथमिकता चारधाम यात्रा पर आने वाले सभी श्रद्धालुओं की सुरक्षा है। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं से अनुरोध किया है कि चारधाम यात्रा के लिए पंजीकरण के अनुसार उनको जो तिथि मिली है, उसके अनुसार ही दर्शन के लिए आयें। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं से स्वास्थ्य परीक्षण और मौसम का पूर्वानुमान देखने के बाद ही चारधाम यात्रा पर आने के लिए अनुरोध किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है कि चारधाम यात्रा भी सुरक्षित हो और सभी श्रद्धालु भी स्वस्थ और सुरक्षित हों। मुख्यमंत्री ने चारों धामों में 31 मई तक वीआईपी दर्शन की व्यवस्था स्थगित रखने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि चारधाम यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं के लिए चारों धामों में प्रतिदिन के लिए जो क्षमता निर्धारित की गई है, उसके अनुसार ही दर्शन के लिए भेजे जाएं। पंजीकरण की व्यवस्थाओं को और मजबूत बनाया जाए। श्रद्धालुओं का चार धाम यात्रा के लिए पंजीकरण होने पर ही चेक प्वाइंट से आगे जाने दें। परिवहन विभाग, राजस्व विभाग, पुलिस विभाग को संयुक्त रूप से चेक पोस्ट पर चेकिंग करने के निर्देश दिए। आगामी तीन दिनों तक ऑफलाइन पंजीकरण रोक दिए जायें। यह सुनिश्चित हो कि चार धाम यात्रा नियमों के अनुरूप ही चले।

उन्होंने निर्देश दिये कि चारधाम के सभी मार्गों के एंट्री प्वाइंट एवं विकासनगर, यमुना पुल क्षेत्र, धनौल्टी, सुवाखोली में भी सख्ती से चेकिंग की व्यवस्था सुनिश्चित हो। इन स्थलों पर यात्रियों की सुविधा का भी पूरा ध्यान रखा जाए। उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा व्यवस्थाओं से सबंधित सभी जानकारियां लोगों तक स्पष्ट रूप से जाएं, इसके लिए शासन के वरिष्ठ अधिकारी प्रतिदिन मीडिया ब्रीफिंग करें। यात्रा से संबंधित सभी जानकारियां आमजन तक पहुंचाने के लिए मीडिया को उपलब्ध कराई जाए।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिये है कि चारधाम यात्रा के दौरान भीड़ प्रबंधन और यात्रा प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने पुलिस महानिदेशक को निर्देश दिये कि वे यातायात प्रबंधन और भीड़ प्रबंधन के लिए स्वयं स्थलीय निरीक्षण करें और चारों धामों में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को इसकी जिम्मेदारी दी जाये। सभी अधिकारि सहयोगी के रूप में अपने दायित्वों का निर्वहन करें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि चारधाम यात्रा प्रदेश की लाईफ लाईन है। यह यात्रा राज्य की आर्थिकी से भी जुड़ी है। जिस तेजी से चारधाम यात्रा में श्रद्धालुओं की संख्या में वृद्धि हो रही है, हम सबका दायित्व है कि यात्रा को सुगम और सरल बनाने में सभी मिलकर सहयोगी बनें। व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने में राज्य सरकार द्वारा लगातार प्रयास किये जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा मार्गों से जुड़े सभी जनपद यात्रा व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करने के लिए समन्वय के साथ कार्य करें। मुख्यमंत्री ने सभी श्रद्धालुओं से अपेक्षा की है कि देवभूमि उत्तराखण्ड के इन धामों की धार्मिक यात्रा में स्वस्थ मानकों के अनुसरण पर भी ध्यान दें।

उन्होंने चारधाम यात्रा से जुड़े जनपदों रुप्रदप्रयाग, चमोली और उत्तरकाशी के जिलाधिकारियों से वर्चुअल माध्यम से चारधाम यात्रा से सबंधित विभिन्न व्यवस्थाओं की जानकारी ली और शासन स्तर से चारधाम यात्रा के दृष्टिगत सबंधित जिलाधिकारियों को जो भी सहयोग की आवश्यकता है, उसके बारे में भी जानकारी ली।

मुख्यमंत्री ने शासन और पुलिस के अधिकारियों को निर्देश दिये कि चारधाम यात्रा से सबंधित जो भी आवश्यक व्यवस्थाओं के लिए जिला प्रशासन से अनुरोध किया जाता है, उनकी समस्याओं का तत्काल समाधान किया जाए।

बैठक में राज्य आपदा प्रबंधन के उपाध्यक्ष विनय रोहिला, मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, प्रमुख सचिव आर. के सुधांशु, डीजीपी अभिनव कुमार, सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, शैलेश बगोली, अरविन्द सिंह ह्यांकी, सचिन कुर्वे, डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, सचिव एवं गढ़वाल कमिश्नर विनय शंकर पाण्डेय, विशेष सचिव रिद्धिम अग्रवाल, महानिदेशक सूचना बंशीधर तिवारी एवं वर्चुअल माध्यम से चारधाम यात्रा से सबंधित जिलों के जिलाधिकारी और एसपी उपस्थित थे।

हिन्दुस्थान समाचार/राजेश/रामानुज

हमारे टेलीग्राम ग्रुप को ज्‍वाइन करने के लि‍ये  यहां क्‍लि‍क करें, साथ ही लेटेस्‍ट हि‍न्‍दी खबर और वाराणसी से जुड़ी जानकारी के लि‍ये हमारा ऐप डाउनलोड करने के लि‍ये  यहां क्लिक करें।

Share this story