स्वच्छ वायु दिवस पर श्रेष्ठ शहरों को पुरस्कार, लखनऊ समेत 108 शहरों में पीएम 10 का स्तर घटा
नई दिल्ली, 07 सितंबर (हि.स.)। स्वच्छ वायु दिवस 2026 के अवसर पर पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (एऩसीएपी) के तहत 5वें स्वच्छ वायु सर्वेक्षण के श्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले शहरों और वार्डों को सम्मानित किया। कार्यक्रम में वायु गुणवत्ता सुधार के लिए अपनाई गई सर्वोत्तम प्रबंधन पद्धतियों का संकलन भी जारी किया गया। 10 लाख से ज्यादा आबादी वाले स्वच्छ हवा वाले शहरों की श्रेणी में लखनऊ पहले स्थान पर आया है। इंदौर को दूसरा स्थान मिला है। जबलपुर और भोपाल को तीसरा और चौथा स्थान मिला है। वहीं, दिल्ली को इस सूची में 30वां स्थान प्राप्त हुआ है।
इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के अध्यक्ष न्यायमूर्ति प्रकाश श्रीवास्तव ने कहा कि स्वच्छ हवा विलासिता नहीं, बल्कि नागरिकों की मूलभूत जरूरत है। उन्होंने स्थानीय निकायों से प्रदूषण के स्रोतों पर नियंत्रण, आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल और समाज की व्यापक भागीदारी के साथ समग्र रणनीति अपनाने का आह्वान किया।
130 शहरों की रैंकिंग
5वें स्वच्छ वायु सर्वेक्षण में एनकैप के तहत शामिल सभी 130 शहरों का तीन आबादी वर्गों में मूल्यांकन किया गया। इनमें तीन लाख से कम, तीन से 10 लाख और 10 लाख से अधिक आबादी वाले शहर शामिल हैं।
सर्वेक्षण में सड़क की धूल, ठोस कचरा प्रबंधन, वाहनों से होने वाला उत्सर्जन, औद्योगिक प्रदूषण, निर्माण एवं विध्वंस कचरा,डीजी सेट और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों से होने वाले उत्सर्जन तथा जन-जागरूकता गतिविधियों को आधार बनाया गया। शहरों के स्व-मूल्यांकन के बाद राज्य स्तरीय निगरानी समिति की मंजूरी, सीपीसीबी मूल्यांकन और स्वतंत्र समितियों से क्षेत्रीय सत्यापन कराया गया।
मंत्रालय के अनुसार 2017-18 की तुलना में वर्ष 2025-26 में 130 में से 108 शहरों में पीएम 10 प्रदूषण के स्तर में सुधार हुआ है।
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हिन्दुस्थान समाचार / विजयालक्ष्मी

