सीजेपी नेताओं से मुलाकात के बाद नड्डा ने धरना खत्म करने का किया अनुरोध

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सीजेपी नेताओं से मुलाकात के बाद नड्डा ने धरना खत्म करने का किया अनुरोध


नई दिल्ली, 20 जुलाई (हि.स.)। सोशल मीडिया अभियान कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा से सोमवार को मुलाकात के बाद कहा कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं हो जातीं तब तक उनका यह शांतिपूर्ण प्रदर्शन जारी रहेगा। वहीं, मंत्री नड्डा ने प्रदर्शनकारियों से धरना समाप्त करने का अनुरोध किया है।

नड्डा ने सीजेपी प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की जानकारी देते हुए कहा कि उन्होंने सभी प्रदर्शनकारियों से अनुरोध किया कि वे अपने धरने को समाप्त करें और सामान्य स्थिति बहाल करने में प्रशासन की मदद करें।

नड्डा ने ट्वीट किया, प्रदर्शनकारियों की ओर से आज सुबह पहली बार सरकार के साथ बातचीत का प्रस्ताव आया और सुबह 11:50 बजे से हमारी बातचीत चल रही है। बैठक अच्छे माहौल में हुई। उनके प्रतिनिधिमंडल के साथ शुरुआती बातचीत विस्तार से हुई और शाम करीब 4 बजे उन्होंने मुझे एक लिखित ज्ञापन सौंपा। मैंने सभी प्रदर्शनकारियों से अपना धरना खत्म करने और हालात सामान्य करने में प्रशासन की मदद करने का आग्रह किया है।

नड्डा से मिलने वाले प्रतिनिधिमंडल में सीजेपी के प्रवक्ता सौरव दास और आशुतोष रांका शामिल थे। उन्होंने नड्डा को तीन प्रमुख मांगों वाला अपना ज्ञापन सौंपा। मुलाकात के बाद सौरव दास ने कहा कि केंद्रीय मंत्री नड्डा ने उन्हें केवल इतना आश्वासन दिया है कि वे उचित मंच पर उनकी बात रखेंगे। दास ने कहा, “मांगें पूरी होने तक प्रदर्शनकारी चैन से नहीं बैठेंगे। मंत्री ने हमें आश्वासन दिया है कि जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों में आगे कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी।” हालांकि, पुलिस द्वारा रोके जाने की कोई रिपोर्ट अभी तक नहीं मिली है।

दास ने कहा, ''हमने जेपी नड्डा से दो बार मुलाकात की। बैठक के दौरान हमने अपनी तीन मांगें रखीं। पहली, सोनम वांगचुक को तुरंत रिहा किया जाए। दूसरी, हमारी मांग है कि धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें; उन्हें या तो कैबिनेट से बर्खास्त किया जाए या वे खुद इस्तीफा दें। जब तक उनका इस्तीफा नहीं हो जाता, तब तक विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा। तीसरी मांग है कि नीट की तैयारी करने वाले उन छात्रों के परिवारों को एक करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाए, जिनमें से 20 से ज़्यादा छात्रों की मौत हो चुकी है।''

उल्लेखनीय है कि संसद के

मानसून सत्र के पहले दिन सीजेपी के आह्वान पर दिल्ली के जंतर-मंतर तथा संसद के आस-पास के क्षेत्रों में बड़ी संख्या में युवा एकत्र हुए। भीड़ संसद भवन के निकट तक पहुंच गई। भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस को हल्का बल प्रयोग करना पड़ा। इसमें कई छात्रों के घायल होने और कुछ पुलिस एवं सुरक्षाकर्मियों को चोटें आने की खबर है।

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हिन्दुस्थान समाचार / श्रद्धा द्विवेदी

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