पूर्वोत्तर में नागरिक हताहतों की संख्या में 86 प्रतिशत की कमी, विकास के लिए बना बेहतर माहौल : अमित शाह

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पूर्वोत्तर में नागरिक हताहतों की संख्या में 86 प्रतिशत की कमी, विकास के लिए बना बेहतर माहौल : अमित शाह


गुवाहाटी, 04 जून (हि.स.)। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के पिछले 12 वर्षों के कार्यकाल में पूर्वोत्तर क्षेत्र में नागरिक हताहतों की संख्या में 86 प्रतिशत की कमी आई है, जो एक बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि 12 से अधिक ऐतिहासिक शांति समझौतों के बाद क्षेत्र में विकास और स्थिरता का अनुकूल वातावरण तैयार हुआ है। केन्द्रीय मंत्री अमित शाह आज मेघालय की राजधानी शिलांग में पूर्वोत्तर परिषद (एनईसी) की 73वीं पूर्ण बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे।

गृह मंत्री ने कहा कि पूर्वोत्तर राज्यों में मादक पदार्थों की तस्करी और नशे की समस्या को जड़ से समाप्त करने के लिए केंद्र सरकार ने सख्त रणनीति के साथ विशेष कार्ययोजना तैयार की है। उन्होंने सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों से नागरिकों को उनके संवैधानिक अधिकारों के प्रति जागरूक करने और उनके संरक्षण पर विशेष ध्यान देने का आह्वान किया।

अमित शाह ने कहा कि पूर्वोत्तर में उग्रवाद लगभग समाप्ति की ओर है और अब राज्यों को नियमित एवं प्रभावी पुलिसिंग की दिशा में नई शुरुआत करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि गरीबों, महिलाओं और बच्चों के अधिकारों की रक्षा करना शासन और प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी होनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि नई न्याय संहिताओं के तहत प्रत्येक नागरिक को समयबद्ध न्याय सुनिश्चित करना आवश्यक है। इसके लिए आपराधिक न्याय प्रणाली में तकनीक के व्यापक उपयोग, फॉरेंसिक विज्ञान के बढ़ते प्रयोग, ऑनलाइन पंजीकरण तथा अदालतों में ऑनलाइन गवाही जैसी व्यवस्थाओं को प्रभावी रूप से लागू किया जाना चाहिए।

गृह मंत्री ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), डेटा एनालिटिक्स, मशीन लर्निंग और ब्लॉकचेन जैसी डिजिटल तकनीकों में पूर्वोत्तर के युवा उत्कृष्ट प्रदर्शन करने की क्षमता रखते हैं। उन्होंने पूरे पूर्वोत्तर क्षेत्र को सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) उद्योग का प्रमुख केंद्र बनाने की दिशा में कार्य करने का आह्वान किया।

शाह ने कहा कि पूर्वोत्तर में जल विद्युत और सौर ऊर्जा के क्षेत्र में अपार संभावनाएं मौजूद हैं। साथ ही, डेटा सेंटर उद्योग को क्षेत्र की ओर आकर्षित करने के लिए भी प्रयास किए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था, औद्योगिक विकास की रणनीति और प्राकृतिक संसाधनों के बेहतर उपयोग के दृष्टिकोण को एकीकृत कर पूर्वोत्तर को विकास की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया जा सकता है।

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हिन्दुस्थान समाचार / श्रीप्रकाश

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