मप्र का बीना शहर पेट्रोकेमिकल इंडस्ट्री का बनेगा नया हब : मोहन यादव

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मप्र का बीना शहर पेट्रोकेमिकल इंडस्ट्री का बनेगा नया हब : मोहन यादव


- मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मुम्बई में तीन दिवसीय इंडिया केम - 2026 में दिया संबोधन

भोपाल, 22 अक्टूबर (हि.स.)। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि वर्ष 2014 से 2026 तक पेट्रोकेमिकल और रसायन सेक्टर में एक लाख करोड़ रुपये का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) मिला है। प्रदेश का बीना शहर पेट्रोकेमिकल इंडस्ट्री का नया हब बन रहा है। बीना रिफायनरी में हर साल 22 लाख टन पेट्रोकेमिकल उत्पाद तैयार होंगे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव गुरुवार को मुंबई के बॉम्बे एग्ज़िबिशन सेंटर में हो रहे तीन दिवसीय 'इंडिया केम 2026' के उद्घाटन सत्र को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि बीना में पेट्रोकेमिकल इंडस्ट्री विकसित होने से प्लास्टिक, पैकेजिंग, फॉर्मा, ऑटोमोबाइल जैसे उद्योगों के लिए जरूरी कच्चा माल और युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए अवसर बनेंगे। हमारी सरकार बड़े उद्योगों के साथ छोटे और मझोले उद्योगों को प्रोत्साहित कर रही है। राज्य में प्लास्टिक आधारित उद्योगों को नई रफ्तार देने के लिए रायसेन जिले के तामोट में 121 एकड़, ग्वालियर में 93 एकड़ के अत्याधुनिक प्लास्टिक पार्क तैयार किए गए हैं। यहां प्लास्टिक पाइप्स सहित अन्य उत्पाद भी तैयार किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि दुनिया के एक बहुत बड़े देश के साथ आज पेट्रोकेमिकल सेक्टर में दशकों से लंबित अहम सौझा होने जा रहा है। इसके लिए केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री और रसायन-उर्वरक मंत्री जेपी नड्डा को बधाई देता हूं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कार्यकाल में हर क्षेत्र में व्यापार-व्यवसाय की गति दोगुनी हो गई है। वर्ष 2014 में देश का पेट्रोकेमिकल बाजार 120 अरब डॉलर था, जो वर्तमान में दोगुना से अधिक हो गया है। प्रधानमंत्री मोदी और केंद्रीय मंत्री नड्डा के नेतृत्व में दुनिया इसका परिणाम देख रही है।

उन्होंने कहा कि रसायन-पेट्रोकेमिकल सहित आधुनिक विनिर्माण क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए मध्य प्रदेश में अपार संभावनाएं विद्यमान हैं। सभी सेक्टर में निवेशकों को समान रूप से प्रगति के अवसर मिल रहे हैं। प्रदेश अपनी असीम संभावनाओं के साथ उद्योग निवेश के महाकुंभ में अहम भूमिका निभा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इंडिया केम के इस 14वें संस्करण के सफल आयोजन के लिए केंद्र सरकार और फिक्की के सभी पदाधिकारियों को बधाई दी।

उन्होंने कहा कि बदलते वैश्विक परिदृश्य में इस आयोजन के माध्यम से दुनियाभर के उद्योगपतियों को एक अच्छा मंच मिला है। यहां से नए विचारों और नए निवेश के प्रस्ताव मध्यप्रदेश के लिए भी विकास के द्वार खोलेंगे। प्रसन्नता की बात है कि पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल के प्रारंभ हुई यह यात्रा वर्ष 2026 में दक्षिण एशिया में एक प्रभावशाली मंच के रूप में स्थापित हो चुकी है। भारत की बढ़ती वैश्विक प्रतिष्ठा में अमेरिका, जर्मनी, जापान, इटली और फ्रांस जैसे देशों के प्रतिनिधियों की भागीदारी रही है। इस बार सऊदी अरब, यूरोपीय संघ, अमेरिका, जर्मनी, जापान, रूस साझेदार बने हैं। देश के प्रमुख राज्य भी पार्टनर के रूप में इससे जुड़े हैं। ये राज्य अपनी क्षमताओं और संसाधनों को देश के केंद्र में रहते हुए इंडिया केम के साथ आगे बढ़ रहे हैं।

उन्होंने कहा कि भारत के पास प्रतिभा, विशाल घरेलू बाजार, मजबूत विनिर्माण क्षमता और निवेश की व्यापक संभावनाएं हैं। ऐसे में निवेश को आधुनिक तकनीक से जोड़ने की आवश्यकता है। इस तीन दिवसीय आयोजन में ठोस सुझाव, साझेदारी और निवेश के नए अवसर सामने आएंगे, जो भारत के रसायन उद्योग को नई ऊंचाइयों तक ले जाने में सक्षम होंगे। दुनिया में उथल-पुथल के दौर में कच्चे तेल की बाधित सप्लाई चेन के बीच संकट और अस्थिरता है। ऐसे में हमारे सामने एक अवसर और कठिनाई दोनों हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने आपदा या कहें चुनौतियों में भी अवसर तलाशने का मंत्र दिया है। निवेश का यही समय है और यही सही समय है। वैश्विक संभावनाएं पेट्रोकेमिकल सेक्टर में आगे बढ़ने के लिए हमारा इंतजार कर रही हैं। ठोस योजनाओं के साथ देश के कई राज्यों की सरकारें कदम से कदम मिलाकर चलने के लिए तैयार हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि धार में रेडिमेड गारमेंट्स सेक्टर के पीएम मित्र पार्क की स्थापना से देश में मध्यप्रदेश की विशिष्ट साख बनी है। विजयपुर में गेल इंडिया की आधुनिक गैस प्रोसेसिंग यूनिट महत्वपूर्ण है। प्रदेश में पहले से मौजूद इंफ्रास्ट्रक्चर गैस आधारित उद्योगों को मजबूत आधार दे रहा है। देवास में पेट्रोकेमिकल की नई परियोजना भी अहम है। इससे प्रदेश में पेट्रोकेमिकल सेक्टर की नई संभावनाओं का लाभ मिलेगा।

उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश में जीआईएस-2025 के सफल आयोजन में आए निवेश का लगभग साढ़े 12 लाख करोड़ धरातल पर उतरा है। यह हमारी सरल और स्पष्ट नीतियों का परिणाम है। औद्योगिक निवेश आकर्षित करने के मामले में मध्यप्रदेश पौने तीन साल में देश के बाकी राज्यों से आगे निकला है। मध्य प्रदेश में सरप्लस बिजली, उद्योगों के लिए पर्याप्त जल, लैंडबैंक और प्लग एंड प्ले इंफ्रास्ट्रक्चर है। राज्य में उद्योग स्थापना के लिए पारदर्शी और सरलीकृत व्यवस्था लागू है। मध्य प्रदेश की जीवन शैली सरल और अपराध मुक्त है। मध्य प्रदेश सरकार ने सबसे पहले अपनी जमीन से नक्सलवाद का सफाया किया है।

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हिन्दुस्थान समाचार / उम्मेद सिंह रावत

Livevns.news Desk
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