भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और इलाहाबाद हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश ने काशी में देखी भव्य गंगा आरती

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भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और इलाहाबाद हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश ने काशी में देखी भव्य गंगा आरती


भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और इलाहाबाद हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश ने काशी में देखी भव्य गंगा आरती


- कड़ी सुरक्षा के बीच सीजेआई के साथ अन्य न्यायाधीश ने क्रूज पर सवार होकर गंगा की आध्यात्मिक सौंदर्य को निहारा

वाराणसी, 16 जनवरी (हि.स.)। भारत के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्यकांत और इलाहाबाद हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश अरुण भंसाली सहित अन्य न्यायाधीश शुक्रवार को दो दिवसीय दौरे पर वाराणसी पहुंचे। काशी आगमन पर नदेसर स्थित एक तारांकित होटल में सीजेआई का स्वागत जिला जज एवं प्रशासनिक अधिकारियों ने किया।

इसके पश्चात कड़े सुरक्षा इंतजामों के बीच न्यायाधीशों का काफिला श्री काशी विश्वनाथ मंदिर पहुंचा, जहां विधि-विधान से दर्शन-पूजन किया गया। मंदिर दर्शन के बाद सीजेआई सूर्यकांत, इलाहाबाद हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश तथा अन्य न्यायाधीश क्रूज पर सवार होकर मां गंगा में नौकायन करते हुए दशाश्वमेध घाट पहुंचे। यहां उन्होंने गंगा सेवा निधि द्वारा आयोजित विश्व प्रसिद्ध सायंकालीन गंगा आरती का दर्शन किया। दशाश्वमेध घाट पर सायं 6:30 बजे पहुंचे सीजेआई करीब 7 बजे तक घाट पर मौजूद रहे। भव्य और दिव्य गंगा आरती को देखकर सीजेआई सहित सभी न्यायाधीश भावविभोर नजर आए। इस अवसर पर गंगा सेवा निधि के अध्यक्ष सुशांत मिश्रा, कोषाध्यक्ष आशीष तिवारी, सचिव हनुमान यादव, दशाश्वमेध एसीपी अतुल अंजान त्रिपाठी सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी एवं पुलिस बल तैनात रहे।

न्यायाधीशों का दल रात्रि विश्राम के लिए नदेसर स्थित होटल लौटा। शनिवार, 17 जनवरी को सीजेआई सूर्यकांत चंदौली में जिला न्यायालय के शिलान्यास कार्यक्रम में शिरकत करेंगे। इस अवसर पर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मौजूद रहेंगे। दोनों मिलकर इंटीग्रेटेड कोर्ट कॉम्प्लेक्स की आधारशिला रखेंगे।

कार्यक्रम में सुप्रीम कोर्ट के पांच तथा इलाहाबाद हाईकोर्ट के 18 अन्य न्यायाधीशों की उपस्थिति रहेगी। जिलाधिकारी चंदौली चंद्रमोहन गर्ग ने बताया कि प्रदेश के छह जिलों में बनने वाले इंटीग्रेटेड कोर्ट कॉम्प्लेक्स की कुल लागत लगभग 1500 करोड़ रुपये है। चंदौली में प्रस्तावित कोर्ट कॉम्प्लेक्स पर करीब 236 करोड़ रुपये खर्च होंगे, जिसमें 37 न्यायालय कक्ष, अधिवक्ताओं के चेंबर, न्यायिक अधिकारियों के आवास तथा जनपद न्यायाधीश का आवासीय भवन शामिल होगा। यह परियोजना लगभग 18 माह में पूर्ण होने की संभावना है और अप्रैल 2027 तक कार्य पूरा कर लिया जाएगा।

उधर, सीजेआई सहित अन्य न्यायाधीशों के वाराणसी प्रवास को देखते हुए सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। शहर के प्रमुख मार्गों, घाटों और कार्यक्रम स्थलों पर पुलिस व प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा।

हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी

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