छतरपुरः थाने पर पथराव करने वाले 150 उपद्रवियों पर एफआईआर, 20 गिरफ्तार

WhatsApp Channel Join Now
छतरपुरः थाने पर पथराव करने वाले 150 उपद्रवियों पर एफआईआर, 20 गिरफ्तार


छतरपुरः थाने पर पथराव करने वाले 150 उपद्रवियों पर एफआईआर, 20 गिरफ्तार


- मुख्यमंत्री के निर्देश पर की गई कठोर कार्रवाई, पथराव के आरोपी के बंगले पर चला बुलडोजर

भोपाल, 22 अगस्त (हि.स.)। छतरपुर में सिटी कोतवाली पर बुधवार को हुए पथराव मामले में मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के निर्देश के बाद पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। गुरुवार को पुलिस ने पथराव के मुख्य आरोपित पूर्व कांग्रेस जिला उपाध्यक्ष हाजी शहजाद अली के आलीशान बंगले पर बुलडोजर चलवाया। इस दौरान अंदर खड़ी फॉर्च्यूनर समेत तीन कारों को जेसीबी की मदद से दीवार तोड़कर बाहर निकाला गया। कारों पर भी जेसीबी चढ़ा दी गई। मुख्य आरोपित शहजाद अली परिवार समेत फरार हो गया है। संभाग कमिश्नर ने कहा कि बंगला 20 हजार वर्ग फीट में बगैर परमिशन के बनाया गया था।

मामले में पुलिस ने 48 नामजद समेत करीब 150 आरोपितों के विरुद्ध थाना कोतवाली में प्रकरण पंजीबद्ध किया गया है। प्रकरण में गुरुवार देर शाम तक 70 से अधिक लोगों से पुलिस द्वारा पूछताछ की गई तथा 20 आरोपितों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपितों को कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लिया है। इस दौरान कोतवाली से कोर्ट तक उनका जुलूस निकाला गया।

पुलिस के जनसम्पर्क अधिकारी आशीष शर्मा ने बताया कि एससी-एसटी संगठनों द्वारा बुलाए गए भारत बंद के दौरान बुधवार को दोपहर करीब 2.45 बजे शहर सदर जावेद अली एवं पूर्व सदर शहजाद अली के साथ 100-150 लोग महाराष्ट्र में समुदाय विशेष पर की गई आपत्तिजनक टिप्पणी के विरोध में ज्ञापन देने के लिए कोतवाली थाने पहुंचे थे। इस दौरान पुलिस और प्रशासन की टीम ने पहुंचकर समुदाय के लोगों से चर्चा की और ज्ञापन प्राप्त कर अभिस्वीकृति दी। मौके पर प्रशासन और पुलिस के अधिकारियों द्वारा उन्हें समझाइश दी गई। इसके बाद कुछ उपद्रवी लोगों द्वारा थाने पर पथराव किया गया।

उन्होंने बताया कि इस घटना में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक छतरपुर और थाना प्रभारी कोतवाली सहित 10 लोग घायल हो गए। उपद्रवियों ने शासकीय सम्पत्ति को नुकसान पहुंचाया। उपद्रवियों को तितर-बितर करने और स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने आवश्यक बल प्रयोग किया। प्रकरण की विवेचना दौरान आरोपितों को चिह्नित करने और धरपकड़ के लिए पुलिस टीमें गठित की गईं। सीसीटीवी फुटेज एवं घटना के विभिन्न वीडियो फुटेजों का बारीकी से अवलोकन कर आरोपितों की पहचान की गई।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पुलिस को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि मध्यप्रदेश 'शांति का प्रदेश' है, कोई भी कानून को हाथ में ले यह बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ऐसे अराजक तत्वों पर मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा कठोर कार्रवाई की जाए। प्रदेश में शांति और सौहार्द बना रहे यही हमारी प्राथमिकता है।

उन्होंने बताया कि पुलिस ने कोतवाली थाने में समुदाय विशेष द्वारा ज्ञापन सौंपने के दौरान हुए पथराव के मामले में 48 नामजद एवं 100 से अधिक अन्य आरोपियों के विरूद्ध प्रकरण पंजीबद्ध कर 20 आरोपितों को गिरफ्तार किया गया है। वहीं, छतरपुर में बुधवार रात जिला प्रशासन द्वारा संयुक्त फ्लैग मार्च निकाला गया तथा विभिन्न व्यापारी वर्ग, संगठनों से चर्चा कर शांति व्यवस्था बनाए रखने हेतु आश्वस्त कर स्थिति को नियंत्रित किया गया। पुलिस द्वारा अराजक तत्वों के विरुद्ध सतत् कार्रवाई की जा रही है। भीड़ को भड़काने वाले आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों के विरुद्ध जिलाबदर/एनएसए और शस्त्र लायसेंस निरस्त करने की कार्रवाई प्रस्तावित की जा रही है।

इस मामले को लेकर कांग्रेस के राज्यसभा सांसद इमरान प्रतापगढ़ी ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स के माध्यम से कहा कि भाजपा सरकार की मुसलमानों के खिलाफ नफरत का एक और उदाहरण देखिए। उनकी राज्य सरकारें बहाना तलाश कर मुसलमानों का घर तोड़ रही हैं, संविधान की शपथ लेने वाली मोदी सरकार इस बुलडोजर के नीचे हर दिन संविधान को कुचल रही है। जल्द ही इस मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाऊंगा।

वहीं, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदत्त शर्मा ने कहा कि उन्होंने जिस तरह का आतंक मचाने का काम किया। ऐसे गुंडे, ऐसे अपराधी छतरपुर में एक कदम भर नहीं चल सकते। ऐसे लोगों को नेस्तनाबूद कर देंगे। किसी को नहीं छोड़ेंगे।

--------------------

हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर / प्रभात मिश्रा

हमारे टेलीग्राम ग्रुप को ज्‍वाइन करने के लि‍ये  यहां क्‍लि‍क करें, साथ ही लेटेस्‍ट हि‍न्‍दी खबर और वाराणसी से जुड़ी जानकारी के लि‍ये हमारा ऐप डाउनलोड करने के लि‍ये  यहां क्लिक करें।

Share this story