(अपडेट) धर्म के लिए लड़ने वाला कभी नहीं मरता, संतत्व से सीख लेकर अध्यात्म के आधार पर भारत बनेगा विश्व गुरु: मोहन भागवत

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(अपडेट) धर्म के लिए लड़ने वाला कभी नहीं मरता, संतत्व से सीख लेकर अध्यात्म के आधार पर भारत बनेगा विश्व गुरु: मोहन भागवत


संत मलूकदास महाराज के 452वें जयंती महोत्सव में शामिल हुए संघ प्रमुख डाॅ भागवतभागवत ने मलूकदास की समाधि को किया नमन, संतों के चरण छूकर लिया आशीर्वाद

मथुरा, 07 अप्रैल(हि.स.)। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डाॅ मोहन भागवत ने धर्म के लिए लड़ने वाला कभी मरता नहीं है। अधर्मी को मार देता है और अपनी सत्ता वापस लेता है। अब समय आ गया है कि भारत विश्व गुरु बनेगा और विश्व को नई सुखी और सुंदर दुनिया के बनाएगा। इसके लिए संतों से संतत्व से सीख लेकर उनकी प्रेरणा और अध्यात्म के आधार पर भारत विश्व गुरु बनेगा। इसके लिए संघ संतों के साथ मिलकर प्रयास करेगा। हम अपने अंदर का भाव बदलें, देश खुद ही बदल जाएगा।

संघ के सरसंघचालक डाॅ मोहन भागवत मंगलवार को वृंदावन स्थित मलूकपीठ आश्रम में संत मलूकदास महाराज के 452वें जयंती महोत्सव का याेग गुरु बाबा रामदेव के साथ दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारंभ करने के बाद संबाेधित कर रहे थे। इससे पहले उन्होंने संत शिरोमणि मलूकदास महाराज की समाधि पर पूजा-अर्चना की और वहां की पवित्र रज को माथे से लगाया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी जगद्गुरु संत मलूकदास की 452वीं जयंती महोत्सव में शाम के समय शामिल हुए।

डाॅ भागवत ने कहा कि हम जगद्गुरु मलूकदास का 452वां जयंती उत्सव मना रहे हैं। हमारे सामने उनका जीवन एक प्रेरणा के समान है। उन्होंने अपने जीवन से हमें संदेश दिया। संत हमारे सामने सशरीर दिखाई देते हें, लेकिन संत हमारे कल्याण के लिए जीवन जीते हैं। संत हमेशा से धर्म के लिए लड़े और मरे भी हैं। डाॅ भागवत ने कहा कि धर्म के लिए लड़ने वाला कभी मरता नहीं है। अधर्मी को मार देता है और अपनी सत्ता वापस लेता है। उन्हाेंने कहा कि अब समय आ गया है कि भारत विश्व गुरु बनेगा और विश्व को नई सुखी और सुंदर दुनिया के बनाएगा। इसके लिए संतों से संतत्व से सीख लेकर उनकी प्रेरणा और अध्यात्म के आधार पर भारत विश्व गुरु बनेगा। इसके लिए संघ संतों के साथ मिलकर प्रयास करेगा। उन्होंने कहा कि भारत वर्ष सबको प्रकाशित करे, इसकी आवश्यकता है। अपनी आध्यात्मिक परंपरा के आधार पर रीति और नीति ऐसी होनी चाहिए। सत्य के आधार पर जीवन खड़ा होने की आवश्यकता है।

उन्होंने कहा कि सत्य, करुणा के बिना धर्म नहीं हो सकता। सबको मिलकर रहना चाहिए। करुणा जीवन में तब आती है, जब सबका दुख अपना दुख लगता है। देश के 142 करोड़ लोग संतत्व को प्राप्त होगा यह संभव नहीं है, लेकिन सभी का सुचिता पूर्ण जीवन हो इसके लिए प्रयास करना है।

महंत राजेंद्र दास महाराज की गौहत्या पर पूरी तरह से प्रतिबंध करने की मांग पर उन्होंने कहा कि समाज को गाैभक्त बनाओ, गौहत्या अपने आप रुक जाएगी। लोगों को इसके लिए सामर्थ्यवान बनाओ। यह एक साहसी कदम होगा। जब गौ हत्या के विरोध में देश में जनभावना खड़ी हो गई तो सरकार को यह मानना होगा। जिस तरह से श्रीराम मंदिर के लिए भावना सारे देश में दिखी, ऐसी ही गाय के लिए भावना दिखनी चाहिए। इसके लिए संघ लोगों में जागृति करनी होगी। गाय के तत्वों को जन-जन तक पहुंचाएंगे। संघ उस दिशा में कार्य करेगा।

मलूक पीठ कार्यक्रम में मंच पर मौजूद संतों का सम्मान कर संघ प्रमुख ने पैर छूकर आशीर्वाद लिया। इसके बाद संघ प्रमुख डाॅ भागवत पानीघाट स्थित पहाड़ी बाबा गाैशाला पहुंचे। उन्हाेंने संतों के साथ भी संवाद किया और समाज में समरसता व एकजुटता पर जोर दिया।

हिन्दुस्थान समाचार / महेश कुमार

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