रायपुर पहुंची नागपुर पुलिस ने एसबीएल एनर्जी लिमिटेड के कारपोरेट कार्यालय और निवास में दी दबिश

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रायपुर पहुंची नागपुर पुलिस ने एसबीएल एनर्जी लिमिटेड के कारपोरेट कार्यालय और निवास में दी दबिश


रायपुर, 30 जून (हि.स.)। महाराष्ट्र के राउलगांव स्थित गोला-बारूद और डेटोनेटर निर्माण प्लांट में टीम माह पूर्व मार्च माह में हुए विस्फोट के मामले में नागपुर पुलिस की विशेष टीम आज (मंगलवार )छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर पहुंची। नागपुर पुलिस एसबीएल एनर्जी लिमिटेड (पुराना नाम अमीन एक्सप्लोसिव प्राइवेट लिमिटेड) के अधिकारियों की गिरफ्तारी के लिए रायपुर आयी है ।

एसीपी, सिविल लाइन, रायपुर रमाकांत साहू ने बताया है कि पुलिस टीम कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी आलोक संपत सिंह चौधरी और उनके भाई व कंपनी के चेयरमैन संजय संपत सिंह चौधरी की गिरफ्तारी के लिए रायपुर आई है। देवेंद्रनगर थाना पुलिस के साथ नागपुर पुलिस ने रायपुर के देवेंद्र नगर स्थित उनके निवास और फाफाडीह क्षेत्र में स्थित कंपनी के कॉर्पोरेट कार्यालय में छापा मारा, लेकिन दोनों भाई पहले ही फरार हो गए थे।

बॉम्बे उच्च न्यायालय द्वारा अग्रिम जमानत याचिका खारिज होने के बाद कलमेश्वर अदालत ने दोनों भाइयों के खिलाफ स्थायी गिरफ्तारी वारंट और लुक-आउट सर्कुलर जारी किया है।

बीती एक मार्च 2026 को नागपुर के राउलगांव स्थित गोला-बारूद और डेटोनेटर निर्माण प्लांट में हुआ था। इस विस्फोट में 23 से 26 कर्मचारियों की मौत हो गई थी और कई अन्य गंभीर रूप से घायल हुए थे। जांच में सुरक्षा मानकों की भारी अनदेखी पाए जाने पर पुलिस ने कंपनी के अधिकारियों के खिलाफ बीएनएस की धारा के तहत गैर-इरादतन हत्या और सबूत छिपाने जैसी संगीन धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। इस मामले में अब तक 11 आरोपित न्यायिक हिरासत में लिए जा चुके हैं।

उल्लेखनीय है कि दो दिन पूर्व अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने सूडान में जारी हिंसक गृहयुद्ध को बढ़ावा देने के आरोप में जिन आठ लोगों और संस्थाओं पर प्रतिबंध लगाए हैं, उनमें एसबीएल एनर्जी लिमिटेड भी शामिल है। आरोप है कि सीईओ आलोक चौधरी ने सूडानी सशस्त्र बलों (एसएएफ) के हथियार रखरखाव एजेंसी को विस्फोटक सामग्री की 200 से अधिक गुप्त खेप अवैध रूप से भेजी थी।

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हिन्दुस्थान समाचार / केशव केदारनाथ शर्मा

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