छत्तीसगढ़ शराब घोटाला: ईडी ने 13 ठिकानों पर छापे मारकर 53 लाख कैश और 3.2 किलो सोना किया बरामद
रायपुर, 03 मई (हि.स.)। ईडी के रायपुर क्षेत्रीय कार्यालय ने 30 अप्रैल 2026 को रायपुर, दुर्ग-भिलाई और बिलासपुर के 13 ठिकानों पर एक साथ तलाशी अभियान चलाया था। इस कार्रवाई में 53 लाख रुपये नकद और लगभग 3.23 किलोग्राम सोना, आभूषण और बुलियन के रूप में, जिसका मूल्य लगभग 4.86 करोड़ रुपये है, जब्त किया गया। इस ताजा कार्रवाई में कुल 5.39 करोड़ रुपये की चल-अचल संपत्तियां और महत्वपूर्ण दस्तावेज/डिजिटल उपकरण बरामद किए गए हैं।
प्रवर्तन निदेशालय ने छत्तीसगढ़ में ₹3,200 करोड़ के कथित शराब घोटाले को लेकर अपनी कार्रवाई के संबंध में आज एक महत्वपूर्ण प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए यह जानकारी दी । ईडी अब इस मामले में अंतिम प्रॉसीक्यूशन कंप्लेंट पेश करने की तैयारी में है।
ईडी ने जानकारी दी है कि 2019 से 2022 के बीच हुए इस घोटाले में लगभग 2,883 करोड़ रुपये की 'प्रोसीड्स ऑफ क्राइम' (अपराध की कमाई) अर्जित की गई। विज्ञप्ति में बताया गया कि एक संगठित सिंडिकेट, जिसमें वरिष्ठ नौकरशाह, राजनेता और शराब कारोबारी शामिल थे, ने छत्तीसगढ़ के आबकारी विभाग को हाईजैक कर लिया था। अब तक इस मामले में 6 आरोप पत्र दायर किए जा चुके हैं, जिनमें कुल 81 लोगों को नामजद किया गया है।
मुख्य आरोपितों में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल, पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा, पूर्व आईएएस अधिकारी निरंजन दास, अनिल टुटेजा और पूर्व उप सचिव सौम्या चौरसिया के नाम शामिल हैं। अब तक इस पूरे मामले में ईडी लगभग 380 करोड़ रुपये की संपत्तियां कुर्क कर चुकी है। यह पूरी जांच छत्तीसगढ़ पुलिस की छत्तीसगढ़ आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो व एंटी करप्शन ब्यूरो द्वारा दर्ज प्राथमिकी के आधार पर धन शोधन निवारण अधिनियम, 2002 (पीएमएलए) के तहत की जा रही है।
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हिन्दुस्थान समाचार / केशव केदारनाथ शर्मा

