छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में रयात्रा के समय पुराने होटल का भवन गिरा, नौ लोग घायल

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छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में रयात्रा के समय पुराने होटल का भवन गिरा, नौ लोग घायल


छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में रयात्रा के समय पुराने होटल का भवन गिरा, नौ लोग घायल


रायपुर, 16 जुलाई (हि.स.)। छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले के देवभोग क्षेत्र अंतर्गत उरमाल बाजार में रथयात्रा पर्व के दौरान मूसलाधार बारिश से बचने के लिए एक पुराने होटल में रुके 9 से अधिक लोग अचानक भवन ढहने से मलबे में दब गए। हादसा होते ही स्थानीय लोगों ने तत्परता दिखाते हुए मलबे को हटाने और दबे हुए लोगों को बाहर निकालने का रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। मलबे से निकाले गए सभी घायलों को इलाज के लिए तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र उरमाल पहुंचाया गया।

सभी पीड़ितों को घटना के तुरंत बाद स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र उरमाल में भर्ती कराया गया था। शुरुआती इलाज के बाद अधिकांश घायलों की हालत स्थिर बनी हुई है और वे डॉक्टरों की निगरानी में हैं। मलबे में दबी दोनों मासूम बच्चियों (2 वर्ष और 4 वर्ष) को भी समय पर इलाज मिलने से उनकी स्थिति सुरक्षित बताई जा रही है।

स्थानीय प्रशासन ने बताया कि इलाके में रथयात्रा उत्सव के दौरान लगातार मूसलाधार बारिश हो रही थी। बारिश से बचने के लिए कई लोग बाजार में स्थित ईंट और खपरैल से बने एक बेहद पुराने और कमजोर होटल की छत के नीचे शरण लिए हुए थे। लगातार पानी गिरने के कारण यह कमजोर ढांचा अचानक भरभराकर गिर गया, जिसके चलते मौके पर चीख-पुकार और अफरा-तफरी मच गई।

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र उरमाल के डॉक्टर पांडे ने बताया कि एक व्यक्ति की रीढ़ की हड्डी में चोट आई है, जिसे एक्स-रे के लिए भेजा गया है। अधिकारियों ने बताया है कि घायलों में रोहित सिन्हा (28 वर्ष, ग्राम धोरकोट), प्रीतिवास (उरमाल), तिलेश्वर सोनवानी (बेहरामुड़ा), होरेंद्र सिंह मरकाम, उड़ीसा के बेहरामुड़ा निवासी एक व्यक्ति, दो वर्षीय एक बच्ची, चार वर्षीय एक बच्ची सहित अन्य लोग शामिल हैं।

घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि प्रशासन की पहली प्राथमिकता मलबे में दबे सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकालकर उन्हें त्वरित और बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध करानी थी, जिसे स्थानीय लोगों की मदद से समय रहते पूरा कर लिया गया। राजस्व और स्थानीय पंचायत अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे देवभोग और उरमाल क्षेत्र के सभी पुराने, जर्जर और असुरक्षित व्यावसायिक व घरेलू ढांचों का तुरंत सर्वे करें।

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हिन्दुस्थान समाचार / केशव केदारनाथ शर्मा

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