छत्तीसगढ़ कोयला लेवी घोटाला मामले में ईडी ने की सौम्या चौरसिया और निखिल चंद्राकर की 8 नई संपत्तियां कुर्क
रायपुर, 12 जनवरी (हि.स.)। छत्तीसगढ़ कोयला लेवी घोटाला मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने सोमवार को पूर्व मुख्यमंत्री की उप-सचिव रहीं सौम्या चौरसिया और आरोपित निखिल चंद्राकर की 2.66 करोड़ रुपये मूल्य की अचल संपत्तियों को अटैच कर लिया है।
ईडी के रायपुर जोनल कार्यालय ने आज बताया कि कोल लेवी मामले में 2.66 करोड़ रुपये की अचल संपत्तियों को कुर्क किया गया है। इन संपत्तियों में जमीन और आवासीय फ्लैट शामिल हैं।सौम्या चौरसिया और निखिल चंद्राकर की 8 संपत्तियों को अटैच किया है।
ईडी के अनुसार, ये संपत्तियां आरोपित सौम्या चौरसिया और निखिल चंद्राकर ने अपने रिश्तेदारों के नाम पर खरीदी थी। जांच में सामने आया है कि इन संपत्तियों की खरीदी अवैध कोयला लेवी और अन्य उगाही गतिविधियों से अर्जित आय से की गई थी। इस केस में ईडी अब तक कुल 273 करोड़ की संपत्ति अटैच कर चुकी है। ईडी ने इन संपत्तियों को 'प्रोसीड्स ऑफ क्राइम' मानते हुए कुर्क किया है।
ईडी की जांच में यह सनसनीखेज खुलासा हुआ है कि ये संपत्तियां सीधे आरोपितों के नाम पर न होकर उनके रिश्तेदारों के नाम पर खरीदी गई थीं।कुर्क की गई संपत्तियों में प्राइम लोकेशन की जमीनें और आवासीय फ्लैट्स शामिल हैं।
जांच एजेंसी के अनुसार, इन संपत्तियों को खरीदने के लिए उसी पैसे का इस्तेमाल किया गया जो कोयला लेवी और अन्य अवैध उगाही गतिविधियों से ‘प्रोसीड्स ऑफ क्राइम’ के रूप में जुटाया गया था। यह घोटाला पिछली कांग्रेस सरकार के दौरान जुलाई 2020 से जून 2022 के बीच फला-फूला।
जांच रिपोर्ट के मुताबिक कोयला परिवहन करने वाले कारोबारियों से प्रति टन 25 रुपये की अवैध वसूली की गई। दो साल की अवधि में करीब 540 करोड़ रुपये का अवैध कलेक्शन किया गया।
ईडी का दावा है कि इस भारी-भरकम कैश का इस्तेमाल चुनाव फंडिंग, अधिकारियों और नेताओं को रिश्वत देने और बेनामी संपत्तियां खरीदने में किया गया।
ईडी अब तक कोयला घोटाले मामले में 273 करोड़ रुपये मूल्य की संपत्तियों की पहचान कर उन्हें अटैच कर चुकी है। जांच के दौरान 11 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि 35 आरोपितों के खिलाफ 5 चार्जशीट स्पेशल कोर्ट में दायर की जा चुकी हैं।
-------------
हिन्दुस्थान समाचार / केशव केदारनाथ शर्मा

