भारतीय निर्वाचन प्रणाली की विश्वसनीयता विश्व भर में : ज्ञानेश कुमार
मुरादाबाद, 16 जुलाई (हि.स.)। भारतीय निर्वाचन प्रणाली की विश्वभर में विश्वसनीयता है और अनेक देशों के प्रतिनिधिमंडल इसकी कार्यप्रणाली का अध्ययन करने भारत आते हैं। भारतीय निर्वाचन प्रणाली की सबसे बड़ी विशेषता उसकी पारदर्शिता और बहुस्तरीय निगरानी व्यवस्था है।
यह बातें भारत निर्वाचन आयोग के मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने गुरुवार को उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद स्थित तीर्थंकर महावीर विश्वविद्यालय में चुनाव में लगे बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ), सुपरवाइजरों एवं निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों के साथ आयोजित संवाद कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहीं।
इस दौरान उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा भी उपस्थित रहे। संवाद कार्यक्रम के दौरान मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने भारत की विशिष्ट निर्वाचन प्रणाली की विशेषताओं के बारे में विस्तृत जानकारी दी।
प्रश्नोत्तरी सत्र में उन्होंने बीएलओ, सुपरवाइजरों एवं निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों से संवाद करते हुए हाल में हुए चुनावों में बढ़ी मतदाता भागीदारी, निष्पक्ष मतदान, पारदर्शी मतगणना तथा विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) जैसे महत्वपूर्ण कार्यों में उनके योगदान की सराहना की।
मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने बताया कि देश के लगभग 95 करोड़ मतदाताओं में से 60 करोड़ मतदाताओं का विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) कार्य पूर्ण किया जा चुका है, जबकि शेष लगभग 35 करोड़ मतदाताओं का पुनरीक्षण कार्य प्रगति पर है। उन्होंने कहा कि विश्व के 35 सबसे बड़े लोकतांत्रिक देशों के निर्वाचन प्रबंधन संस्थानों के समूह इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट फॉर डेमोक्रेसी एंड इलेक्टोरल असिस्टेंस (इंटरनेशनल आईडीईए) की अध्यक्षता वर्तमान में भारत निर्वाचन आयोग कर रहा है। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण से लेकर मतदान एवं मतगणना तक प्रत्येक चरण में राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की सहभागिता सुनिश्चित की जाती है, जिससे पूरी प्रक्रिया निष्पक्ष, पारदर्शी एवं विश्वसनीय बनी रहती है।
एक मतदान केन्द्र पर औसतन 873 मतदाता
ज्ञानेश कुमार ने बताया कि देश में एक मतदान केन्द्र पर औसतन 873 मतदाता हैं। मतदाता सूची के पुनरीक्षण के दौरान बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन करते हैं तथा अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत एवं डुप्लीकेट आदि मतदाताओं से संबंधित प्रविष्टियों का परीक्षण करते हैं। इसके आधार पर तैयार ड्राफ्ट मतदाता सूची के प्रकाशन से पूर्व संबंधित मतदान केन्द्र के लिए राजनीतिक दलों द्वारा नामित बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) के साथ बैठक कर उनका सत्यापन एवं हस्ताक्षर प्राप्त किए जाते हैं। इस पूरी प्रक्रिया को कंकरेंट ऑडिट कहा जाता है। बीएलए के सत्यापन एवं हस्ताक्षर के उपरांत ही ड्राफ्ट मतदाता सूची प्रकाशित की जाती है। यह व्यवस्था मतदाता सूची निर्माण प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाती है।
इस अवसर पर मुरादाबाद मंडल के मंडलायुक्त आञ्जनेय कुमार सिंह, पुलिस उपमहानिरीक्षक मुनिराज जी, जिलाधिकारी/जिला निर्वाचन अधिकारी राजेन्द्र पैंसिया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सतपाल अंतिल, नगर आयुक्त दिव्यांशु पटेल, अपर जिलाधिकारी प्रशासन/उप जिला निर्वाचन अधिकारी संगीता गौतम सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहे।
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हिन्दुस्थान समाचार / निमित कुमार जायसवाल

