केंद्र ने श्रमिकों की लू से सुरक्षा के लिए राष्ट्रव्यापी परामर्श जारी किया

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केंद्र ने श्रमिकों की लू से सुरक्षा के लिए राष्ट्रव्यापी परामर्श जारी किया


नई दिल्ली, 28 अप्रैल (हि.स.)। भीषण गर्मी और लू के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्रालय ने सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को परामर्श जारी करते हुए कर्मियों और श्रमिकों की सुरक्षा के लिए तत्काल निवारक तथा राहत उपाय अपनाने का आग्रह किया है।

मंत्रालय ने मुख्य सचिवों और प्रशासकों को भेजे पत्र में कहा है कि विशेष रूप से बाहरी और श्रम-प्रधान क्षेत्रों में कार्यरत श्रमिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए समन्वित और बहु-आयामी रणनीति अपनाई जाए।

राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को निर्देश दिया गया है कि वे नियोक्ताओं, ठेकेदारों, उद्योगों और निर्माण कंपनियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करें। इनमें काम के घंटों का पुनर्निर्धारण, पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराना तथा कार्यस्थलों और विश्राम स्थलों को ठंडा रखने की व्यवस्था सुनिश्चित करना शामिल है।

परामर्श में यह भी कहा गया है कि निर्माण स्थलों सहित विभिन्न कार्यस्थलों पर आपातकालीन आइस पैक और गर्मी से बचाव की सामग्री उपलब्ध कराई जाए। साथ ही स्वास्थ्य विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर श्रमिकों के स्वास्थ्य की नियमित जांच सुनिश्चित की जाए।

कारखानों और खदानों के प्रबंधन को अत्यधिक गर्मी के दौरान कार्य की गति धीमी करने, आवश्यक होने पर दो श्रमिकों की टीम तैनात करने, विश्राम की व्यवस्था करने और कार्यस्थलों को हवादार तथा ठंडा रखने की सलाह दी गई है।

मंत्रालय ने निर्माण श्रमिकों, ईंट भट्ठों में काम करने वाले मजदूरों, दिहाड़ी और अस्थायी श्रमिकों पर विशेष ध्यान देने को कहा है। इसके साथ ही सार्वजनिक स्थानों पर जागरूकता अभियान चलाने, पोस्टर-बैनर लगाने और लू से बचाव संबंधी संदेश प्रसारित करने पर जोर दिया गया है।राष्ट्रीय श्रमिक शिक्षण बोर्ड के प्रशिक्षण महानिदेशालय को लू से बचाव और प्रबंधन पर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने को कहा गया है, जिसमें लू के कारण, लक्षण, बचाव के उपाय, सुरक्षित कार्य पद्धतियां और प्राथमिक उपचार शामिल होंगे।

कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआईसी) और श्रम कल्याण महानिदेशालय के तहत अस्पतालों और औषधालयों को लू से संबंधित मामलों के लिए हेल्प डेस्क स्थापित करने तथा ओआरएस और अन्य आवश्यक सामग्री का पर्याप्त भंडार रखने के निर्देश दिए गए हैं।

मुख्य श्रम आयुक्त और खान सुरक्षा महानिदेशालय जैसी एजेंसियों को सुरक्षा मानकों के अनुपालन की निगरानी करने को कहा गया है। वहीं, कर्मचारी भविष्य निधि संगठन और राष्ट्रीय कैरियर सेवा को अपने शिविरों के दौरान भी श्रमिकों के लिए ठंडे और हवादार कार्यस्थल तथा पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

मंत्रालय ने सभी संबंधित संगठनों से इस संबंध में की गई कार्रवाई पर पाक्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा है, ताकि समीक्षा और निगरानी की जा सके।

मंत्रालय ने दोहराया कि ग्रीष्म ऋतु के दौरान श्रमिकों के स्वास्थ्य, सुरक्षा और उत्पादकता सुनिश्चित करने के लिए समय पर कदम उठाना और कड़ी निगरानी अत्यंत आवश्यक है।

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हिन्दुस्थान समाचार / विजयालक्ष्मी

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