केंद्र ने टेलीग्राम को पायरेसी के खिलाफ खुद से कार्रवाई करने को कहा, 15 दिन में देनी होगी रिपोर्ट
नई दिल्ली, 04 जुलाई (हि.स.)। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने इंस्टैंट मैसेजिंग ऐप टेलीग्राम को नोटिस जारी कर पायरेसी के खिलाफ प्लेटफॉर्म स्तर पर कार्रवाई की करने को कहा है। इसमें बेहतर पहचान, पायरेटेड फिल्मों व ओटीटी कंटेंट को हटाना और चैनलों और समूहों जैसे बार-बार उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई शामिल है।
आधिकारिक जानकारी के मुताबिक टेलीग्राम को अपनी शिकायत निवारण और पायरेसी-विरोधी प्रणालियों पर 15 दिनों के भीतर विस्तृत कार्रवाई रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी। निर्देश में इस बात पर जोर दिया गया है कि कॉपीराइट अधिनियम 1957 और सिनेमैटोग्राफ अधिनियम 1952 के तहत भारत में कॉपीराइट उल्लंघन एक दंडनीय अपराध है, जिसका उद्देश्य घरेलू फिल्म और ओटीटी उद्योग की सुरक्षा करना है।
सरकार ने इससे पहले पायरेटेड सामग्री प्रसारित करने वाले 3 हजार से अधिक टेलीग्राम चैनलों के खिलाफ कार्रवाई की थी। टेलीग्राम को याद दिलाया गया है कि एक मध्यस्थ के रूप में उसे सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम और नियमों के तहत उचित सावधानी बरतनी आवश्यक है।
मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि टेलीग्राम केवल सरकार द्वारा प्रत्येक पायरेसी चैनल की एक-एक करके पहचान करने का इंतजार नहीं कर सकता। पायरेटेड सामग्री की निरंतर उपलब्धता, टालमटोलपूर्ण अनुपालन या अपूर्ण प्रतिक्रिया लागू कानूनी ढांचे के तहत आगे की जांच और कार्रवाई को आमंत्रित कर सकती है। यह कार्रवाई भारत के क्रिएटर ब्रॉडकास्टर्स, ओटीटी प्लेटफॉर्म्स, प्रोड्यूसर्स और डिस्ट्रीब्यूटर्स की सुरक्षा के लिए की गई है।
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हिन्दुस्थान समाचार / अनूप शर्मा

