सीबीआई ने रिलायंस एडीए ग्रुप मामलों में आरसीएफएल और आरएचएफएल के पूर्व सीईओ देवांग मोदी एवं रविंद्र सुधालकर को किया गिरफ्तार

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सीबीआई ने रिलायंस एडीए ग्रुप मामलों में आरसीएफएल और आरएचएफएल के पूर्व सीईओ देवांग मोदी एवं रविंद्र सुधालकर को किया गिरफ्तार


नई दिल्ली, 22 जून (हि.स.)। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने रिलायंस एडीए ग्रुप मामलों की जांच के सिलसिले में रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस लिमिटेड (आरसीएफएल) के पूर्व निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी देवांग मोदी और रिलायंस होम फाइनेंस लिमिटेड (आरएचएफएल) के पूर्व कार्यकारी निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी रविंद्र सुधालकर को सोमवार को गिरफ्तार कर लिया।

सीबीआई ने बताया कि एजेंसी की जांच में सामने आया कि आरसीएफएल मामले में आरोपियों ने 13 सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को 4097 करोड़ रुपये का नुकसान पहुंचाया, जबकि आरएचएफएल मामले में 10 सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को 3526 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ।

जांच में पाया गया कि देवांग मोदी अप्रैल 2017 से दिसंबर 2018 तक आरसीएफएल के सीईओ रहे और कंपनी के संचालन के प्रमुख फैसले लेते थे। उन्होंने ऐसे मध्यस्थ और कंडुइट कंपनियों को ऋण मंजूर किए जो भारतीय रिजर्व बैंक के दिशा‑निर्देशों और बैंकों से लिए गए ऋण की शर्तों के खिलाफ थे। इसी तरह रविंद्र सुधालकर, जो अक्टूबर 2016 से मार्च 2022 तक आरएचएफएल के सीईओ रहे, ने भी ऐसी कंपनियों को ऋण मंजूर किए जो कंपनी की ऋण नीति, एनएचबी और आरबीआई दिशा‑निर्देशों और बैंकों से लिए गए ऋण की शर्तों के विपरीत थे।

जांच में सामने आया कि आरोपितों ने आरसीएफएल और आरएचएफएल से लिए गए धन को रिलायंस एडीए ग्रुप की अन्य कंपनियों जैसे रिलायंस कैपिटल लिमिटेड, रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड और रिलायंस पावर लिमिटेड में स्थानांतरित कर दिया। इससे बैंकों को कुल 7623 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ और संबंधित कंपनियों को अनुचित लाभ मिला।

सीबीआई ने बताया कि एजेंसी ने रिलायंस कम्युनिकेशंस लिमिटेड, रिलायंस होम फाइनेंस लिमिटेड, रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस लिमिटेड और रिलायंस टेलीकॉम लिमिटेड के खिलाफ सात प्राथमिकी दर्ज की हैं। ये मामले विभिन्न सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों और भारतीय जीवन बीमा निगम की शिकायतों पर दर्ज किए गए हैं। इन मामलों की जांच सर्वोच्च न्यायालय की निगरानी में चल रही है।

सीबीआई ने अब तक रिलायंस एडीए ग्रुप मामलों में इन दो लोगों सहित पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। सीबीआई ने 29 मई को आरकॉम मामले में पहला आरोपपत्र दाखिल किया था, जिसमें कंपनी, उसके पांच वरिष्ठ अधिकारी और दस बैंक अधिकारियों समेत कुल 16 आरोपियों को नामजद किया गया था।

सीबीआई ने कहा कि मामले में आगे की जांच जारी है।

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हिन्दुस्थान समाचार / प्रशांत शेखर

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