कैबिनेट ने वाराणसी में 10,998 करोड़ रुपये की लागत से वरुणा एलिवेटेड कॉरिडोर को मंजूरी दी

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कैबिनेट ने वाराणसी में 10,998 करोड़ रुपये की लागत से वरुणा एलिवेटेड कॉरिडोर को मंजूरी दी


नई दिल्ली, 15 जुलाई (हि.स.)। केंद्र सरकार ने वाराणसी को जाम से राहत देने और काशी के परिवहन नेटवर्क को नया स्वरूप देने के लिए 10,998.32 करोड़ रुपये की लागत वाली 43.218 किलोमीटर लंबी वरुणा एलिवेटेड कॉरिडोर परियोजना को मंजूरी दी है।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (सीसीईए) की बैठक में इस परियोजना पर मुहर लगाई गई। परियोजना को हाइब्रिड एन्युटी मॉडल (एचएएम) के तहत भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) द्वारा विकसित किया जाएगा।

केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मंत्रिमंडल के फैसलों की जानकारी देते हुए कहा कि वाराणसी में प्रतिवर्ष लगभग 15 करोड़ श्रद्धालु और पर्यटक आते हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के प्रयासों से भारत की सांस्कृतिक विरासत के प्रति लोगों में नया गौरव पैदा हुआ है, जिसके कारण काशी आने वाले देशी-विदेशी पर्यटकों की संख्या लगातार बढ़ रही है। इसी बढ़ती आवश्यकता को देखते हुए काशी में आधारभूत ढांचे को अगले स्तर पर ले जाने के लिए आज दो महत्वपूर्ण परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है, जिनमें वरुणा नदी के किनारे बनने वाला यह एलिवेटेड कॉरिडोर प्रमुख है।

वैष्णव ने मीडिया ब्रीफिंग की शुरुआत प्रसिद्ध फिल्मी गीत ‘खइके पान बनारस वाला’ का उल्लेख करते हुए की और कहा कि यह परियोजना वाराणसी के परिवहन ढांचे में बड़ा बदलाव लाएगी। उन्होंने इसे ‘वरुणा एक्सप्रेसवे’ की संकल्पना का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया।

सरकार के अनुसार, यह कॉरिडोर वाराणसी डीकंजेशन प्लान का प्रमुख घटक होगा। परियोजना में मुख्य एलिवेटेड मार्ग के अलावा फ्लाईओवर, रैंप, लूप और सर्विस रोड का निर्माण भी किया जाएगा। इसकी कुल लागत में 4,565.33 करोड़ रुपये निर्माण कार्य तथा 934.91 करोड़ रुपये भूमि अधिग्रहण पर खर्च किए जाएंगे।

यह परियोजना एनएच-31 को काशी रेलवे स्टेशन के बीच आसानी से आने-जाने की सुविधा देगा। साथ ही, इससे वाराणसी रिंग रोड, लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, काशी रेलवे स्टेशन, वाराणसी सिटी रेलवे स्टेशन, वाराणसी जंक्शन, पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन, रामनगर पोर्ट, संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय, वाराणसी के घाटों और चंदौली इलाके तक पहुंचना भी काफी आसान हो जाएगा।

80 से 100 किलोमीटर प्रति घंटे की डिजाइन गति वाले इस कॉरिडोर के बनने से एनएच-31 और काशी रेलवे स्टेशन के बीच यात्रा समय लगभग 40 मिनट से घटकर 20 मिनट रह जाएगा। इससे शहर में यातायात का दबाव कम होगा, सड़क सुरक्षा में सुधार होगा, वाहनों की परिचालन लागत घटेगी और यात्रियों तथा मालवाहक वाहनों की आवाजाही अधिक तेज एवं सुगम होगी।

सरकार ने कहा कि यह परियोजना पीएम गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान के अनुरूप बहु-माध्यमीय परिवहन व्यवस्था को मजबूत करेगी। इससे चंदौली सामाजिक-आर्थिक क्षेत्र सहित एक आर्थिक केंद्र, एक सामाजिक केंद्र तथा छह प्रमुख लॉजिस्टिक्स हब की कनेक्टिविटी बेहतर होगी। कृषि उत्पादों, औद्योगिक सामान, निर्माण सामग्री और खनिजों के परिवहन में भी सुविधा मिलेगी, जिससे पूर्वी उत्तर प्रदेश में लॉजिस्टिक्स दक्षता और क्षेत्रीय आर्थिक विकास को गति मिलेगी।

सरकार के अनुसार, यह परियोजना वाराणसी में एक आधुनिक, नियंत्रित प्रवेश (एक्सेस-कंट्रोल्ड) शहरी परिवहन गलियारे का निर्माण करेगी, जिससे पर्यटन, व्यापार, निवेश और क्षेत्रीय आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा तथा स्थानीय नागरिकों और देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों के लिए आवागमन अधिक सुरक्षित, तेज और सुविधाजनक हो सकेगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / सुशील कुमार

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