(कैबिनेट) औद्योगिक विकास को गति देने के लिए ‘भव्य’ को मंजूरी
नई दिल्ली, 18 मार्च (हि.स.)। केन्द्र सरकार औद्योगिक विकास को गति देने के लिए भारत औद्योगिक विकास योजना (भव्य) लाई है। इसके तहत देशभर में 100 प्लग-एंड-प्ले औद्योगिक पार्क विकसित किए जाएंंगे। सरकार ने इनके लिए 33,660 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल की बैठक में उक्त आशय के प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान की गई। केन्द्रीय मंत्री अश्वनी वैष्णव ने राष्ट्रीय मीडिया केन्द्र में पत्रकार वार्ता कर इसकी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत 100 से 1000 एकड़ तक के औद्योगिक पार्कों का विकास किया जाएगा। प्रति एकड़ एक करोड़ रुपये तक की वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी।
वित्तीय सहायता मूलभूत अवसंरचना (आंतरिक सड़कें, भूमिगत उपयोगिताएँ, जल निकासी व्यवस्था, सार्वजनिक उपचार सुविधाएं, सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी एवं प्रशासनिक प्रणालियां), मूल्यवर्धित अवसंरचना (तैयार कारखाने के शेड, आवश्यकतानुसार निर्मित इकाइयाँ, परीक्षण प्रयोगशालाएं, भंडारण) और सामाजिक अवसंरचना (श्रमिकों के लिए आवास एवं सहायक सुविधाएं) के विकास के लिए होगी।
राष्ट्रीय औद्योगिक गलियारा विकास कार्यक्रम (एनआईसीडीपी) ढांचे के तहत विकसित औद्योगिक स्मार्ट शहरों की सफलता को आगे बढ़ाते हुए, भव्य परियोजना को राज्यों और निजी क्षेत्र के भागीदारों के साथ मिलकर कार्यान्वित किया जाएगा।
बाह्य अवसंरचना के लिए परियोजना लागत का 25 प्रतिशत तक का समर्थन भी प्रदान किया जाएगा, जिससे निर्बाध कनेक्टिविटी और मौजूदा नेटवर्क के साथ एकीकरण सुनिश्चित होगा। परियोजना चयन एक चुनौतीपूर्ण प्रक्रिया के माध्यम से किया जाएगा, जिससे यह सुनिश्चित होगा कि केवल उच्च गुणवत्ता वाले, सुधारोन्मुखी और निवेश के लिए उपयुक्त प्रस्तावों को ही आगे बढ़ाया जाए।
सरकार का मानना है कि भव्य योजना से विनिर्माण, लॉजिस्टिक्स और सेवा क्षेत्रों में व्यापक स्तर पर रोजगार सृजन होने की उम्मीद है, जिससे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होंगे और साथ ही महत्वपूर्ण निवेश को बढ़ावा मिलेगा। यह योजना सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में लागू होगी, जिससे देश भर में लाखों रोजगार के अवसर पैदा होंगे और देशव्यापी औद्योगिक विकास में तेजी आएगी।
इस योजना से विनिर्माण इकाइयां, लघु एवं मध्यम उद्यम, स्टार्टअप और तैयार औद्योगिक अवसंरचना की तलाश रहे वैश्विक निवेशक को लाभ मिलेगा। साथ ही श्रमिक, लॉजिस्टिक्स प्रदाता, सेवा क्षेत्र के उद्यम और स्थानीय समुदाय को भी इसका लाभ मिलेगा।
-------------
हिन्दुस्थान समाचार / अनूप शर्मा

