बजट से विकसित भारत के विराट संकल्प की सिद्धि होगीः शिवराज सिंह

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बजट से विकसित भारत के विराट संकल्प की सिद्धि होगीः शिवराज सिंह


नई दिल्ली, 01 फरवरी (हि.स.)। केन्द्रीय ग्रामीण विकास और कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह बजट अमृत काल का वह अमृत-कलश है, जिससे समृद्धि की सरिता बहेगी और विकसित भारत के विराट संकल्प की सिद्धि होगी।

यह बजट अर्थ से सामर्थ्य तक, अंत्योदय से अभ्युदय तक और साधन से समाधान तक की स्वर्णिम यात्रा है। इससे खेतों में हरियाली, खलिहानों में खुशहाली और हर चेहरे पर लाली आएगी।

शिवराज सिंह चौहान ने अपने आवास पर आयोजित प्रेसवार्ता में कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में यह 12वां बजट है। निर्मला सीतारमण ने 9वीं बार लगातार बजट प्रस्तुत कर इतिहास रचा है।

यह बजट ऐतिहासिक और अभूतपूर्व है, जो विकसित भारत के निर्माण की दिशा में एक मजबूत कदम है।

साल

2047 तक आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए इस बजट में रिफॉर्म्स पर विशेष जोर दिया गया है।

कृषि और ग्रामीण विकास के साथ-साथ गांव, गरीब, किसान, युवा और महिलाओं- सभी के कल्याण की समग्र चिंता इस बजट में की गई है।

उन्होंने कहा कि महिलाओं के कल्याण और उनकी आर्थिक समृद्धि को बढ़ाने के लिए हमने विशेष रूप से लखपति दीदी योजना पर ध्यान केंद्रित किया है।

वित्त मंत्री ने आज शी-मार्ट की महत्वपूर्ण योजना की घोषणा की है।

इसके तहत हर जिले में शी-मार्ट के माध्यम से बहनों को अपने उत्पाद बेचने के लिए सशक्त प्लेटफॉर्म मिलेगा।

इससे महिलाओं द्वारा बनाए गए उत्पादों को नया बाजार मिलेगा और उनकी आय बढ़ेगी।

उन्होंने कहा कि कृषि विभाग के बजट को बढ़ाकर 1,32,561 करोड़ रुपये किया गया है।

कृषि को मजबूत करने के लिए यह अब तक का एक महत्वपूर्ण बजट है।

इसके साथ ही कृषि शिक्षा और अनुसंधान पर भी विशेष जोर दिया गया है।

आईसीएआर के माध्यम से कृषि शिक्षा एवं अनुसंधान के लिए 9,967 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

शिवराज सिंह चौहान ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और निर्मला सीतारमण का आभार व्य़क्त करते हुए कहा कि इस बजट में गांव, गरीब, किसान, युवा किसानों और विशेषकर हमारी लखपति दीदियों के कल्याण के लिए पर्याप्त प्रावधान किए गए हैं।

ये प्रावधान विकसित भारत के निर्माण में निर्णायक भूमिका निभाएंगे।

इनके माध्यम से हम गरीबी दूर करेंगे, किसानों की आय बढ़ाएंगे और गांवों को विकसित बनाने में सफल होंगे।

उन्होंने कहा कि ग्रामीण विकास विभाग के बजट में हमने 21 प्रतिशत की ऐतिहासिक वृद्धि की है और विकसित भारत जी राम जी योजना के लिए अकेले 55,600 करोड़ रुपये से अधिक का प्रावधान किया है।

मनरेगा में पहले कुल बजट 86,000 करोड़ रुपये था लेकिन अब केवल केंद्र का हिस्सा ही 95,600 करोड़ रुपये से अधिक हो गया है, जो राज्यों को जोड़ने पर 1,51,000 करोड़ रुपये से भी ज़्यादा होगा।

यह अपने आप में अभूतपूर्व और ऐतिहासिक है क्योंकि इससे ग्रामीण भारत को नई गति मिलेगी।

साथ ही, 16वें वित्त आयोग के निर्णय के अनुसार पंचायतों को सीधे 55,900 करोड़ रुपये से अधिक की राशि मिलेगी, जिससे विकसित भारत के संकल्प को और मजबूती मिलेगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / विजयालक्ष्मी

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