बजट मैरिटाइम अमृतकाल विजन 2047 के अनुरूप: सर्बानंद सोनोवाल

WhatsApp Channel Join Now
बजट मैरिटाइम अमृतकाल विजन 2047 के अनुरूप: सर्बानंद सोनोवाल


नई दिल्ली, 01 फ़रवरी (हि.स.)। केंद्रीय बंदरगाह, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने केंद्रीय बजट 2026-27 को समुद्री परिवहन, जलमार्ग और कंटेनर निर्माण को मजबूत करने वाला बताया। उन्होंने कहा कि इसके लिए कई परियोजनाएं शुरू की जा रही हैं।

सोनोवाल ने यहां प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि कंटेनर निर्माण को बढ़ावा देने के लिए पांच वर्षों में 10,000 करोड़ रुपये की लागत से योजना लागू होगी। इसके तहत अगले दस वर्षों में देश में सालाना लगभग 10 लाख टीईयू कंटेनर बनाने की क्षमता विकसित की जाएगी। इस योजना से लगभग 80,000 करोड़ रुपये का बाजार मूल्य सृजित होगा। साथ ही 3,000 प्रत्यक्ष और 50,000 अप्रत्यक्ष रोजगार पैदा होंगे। कंटेनर निर्माण से जुड़ी सहायक उद्योगों जैसे कोर्नर कास्टिंग, लकड़ी के फ्रेम और जल आधारित रंगों को भी बढ़ावा मिलेगा। इससे हर साल लगभग 20 लाख खाली कंटेनरों के आयात पर निर्भरता घटेगी और भारत में वैश्विक स्तर का कंटेनर निर्माण पारिस्थितिकी तंत्र तैयार होगा।

उन्होंने कहा कि अगले पांच साल में 20 नए राष्ट्रीय जलमार्ग चालू किए जाएंगे। इसके लिए क्षेत्रीय प्रशिक्षण संस्थान बनाए जाएंगे ताकि युवाओं को कौशल विकास का अवसर मिले। वाराणसी और पटना में जहाज मरम्मत पारिस्थितिकी तंत्र भी स्थापित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि 2013-14 में 18.1 मिलियन टन माल जलमार्गों से जाता था, जो 2024-25 में बढ़कर 145.5 मिलियन टन हो गया है।

उन्होंने वित्तमंत्री द्वारा ओडिशा में राष्ट्रीय जलमार्ग-5 के विकास की घोषणा पर बताया कि यह जलमार्ग तालचर और अंगुल के खनिज क्षेत्रों तथा कलिंगनगर जैसे औद्योगिक केंद्रों को परादीप और धामरा बंदरगाहों से जोड़ेगा। इस परियोजना पर लगभग 13,000 करोड़ रुपये खर्च होंगे और 2047 तक 20 मिलियन टन माल ढुलाई की क्षमता होगी।

उन्होंने बताया कि इस बजट में तटीय माल ढुलाई को बढ़ावा देने के लिए तटीय माल प्रोत्साहन योजना शुरू करने का भी प्रावधान किया गया है। इसका लक्ष्य 2047 तक जलमार्ग और तटीय शिपिंग की हिस्सेदारी को 6 प्रतिशत से बढ़ाकर 12 प्रतिशत करना है। इससे कार्बन उत्सर्जन और ईंधन खपत कम होगी तथा लॉजिस्टिक लागत घटेगी।

उन्होंने कहा कि देश में सीप्लेन निर्माण को भी प्रोत्साहित किया जाएगा। इसके लिए सीप्लेन वायबिलिटी गैप फंडिंग योजना लाई जाएगी ताकि पर्यटन और दूरदराज़ क्षेत्रों तक पहुंच आसान हो सके। इससे अंडमान-निकोबार और लक्षद्वीप जैसे द्वीप क्षेत्रों में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।

उन्होंने कहा कि बंदरगाह और लॉजिस्टिक कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए दांकोनी (पूर्व) से सूरत (पश्चिम) तक समर्पित मालवाहक गलियारा बनाने का प्रस्ताव बजट में किया गया है। साथ ही परादीप और धामरा बंदरगाहों को राष्ट्रीय जलमार्ग-5 से जोड़ा जाएगा।

उन्होंने कहा बजट में भारतीय जहाज स्वामित्व और फ्लैगिंग को बढ़ावा देने के लिए आईएफएससी और ऑफशोर बैंकिंग इकाइयों के लिए कर छूट अवधि को 10 साल से बढ़ाकर 20 साल किया गया है। छोटे जहाजों के आयात पर सीमा शुल्क छूट की अवधि मार्च 2028 तक बढ़ा दी गई है, जबकि बड़े जहाजों पर छूट की समयसीमा हटा दी गई है।

उन्होंने कहा कि ये सभी कदम मैरिटाइम अमृतकाल विज़न 2047 के अनुरूप हैं, जिनका उद्देश्य तटीय शिपिंग, बंदरगाह कनेक्टिविटी और घरेलू जहाज निर्माण क्षमता को मज़बूत करना है।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / प्रशांत शेखर

Share this story