भारत बनेगा ऑरेंज इकोनॉमी का ग्लोबल लीडर : दिनेश शर्मा

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भारत बनेगा ऑरेंज इकोनॉमी का ग्लोबल लीडर : दिनेश शर्मा


नई दिल्ली, 01 फरवरी (हि.स.)। राज्यसभा सदस्य एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व उपमुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने केन्द्रीय बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इसमें भारत को ऑरेंज इकोनॉमी का ग्लोबल लीडर बनाने की दिशा तय कर दी गई है। अब दुनिया भारत के युवाओं के रचनात्मक कौशल से रूबरू होगी और विजुअल इफेक्ट आदि के क्षेत्र में भारत का बोलबाला होगा। इसके लिए मुम्बई में इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ क्रिएटिव टेक्रालाजी की स्थापना की जाएगी और देश के 15000 स्कूलों और 5000 कालेजों में कंटेंट क्रिएटिव लैब बनाई जाएंगी। पिछले वर्ष ही प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने एक कार्यक्रम में वैश्विक रचनात्मक अर्थव्यवस्था में भारत की बढ़ती भूमिका को रेखांकित किया था।

बजट को सर्व समावेशी व हर वर्ग के उत्थान को समर्पित बताते हुए डॉ. शर्मा ने कहा कि बैंकिग सेक्टर को जनता के लिए खोलने के बाद सरकार अब इस क्षेत्र को आत्मनिर्भर व विकसित भारत की जरूरतों के अनुरूप बनाने जा रही है। बैंक अब विकास के नए साथी बनने जा रहे हैं। आत्मनिर्भरता एवं विकसित भारत के लक्ष्य की दिशा को समर्पित बजट के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के प्रति आभार प्रकट करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार ने विकास के साथ राजकोषीय अनुशासन बनाए रखा है। कारपोरेट और म्यूनिसिपल बांड को प्रोत्साहन छोटे शहरों के विकास के लिए वरदान साबित होगा। शहरों की जरूरत के मुताबिक अवस्थापना सुविधा तैयार होंगी। नए आयकर अधिनियम के लागू होने के बाद अब टैक्स सिस्टम सजा नहीं सहयोग देने वाला होगा जिसमें ईमानदार नागरिक को सम्मान मिलेगा।

डॉ. शर्मा ने कहा कि बजट में इन्फ्रास्ट्रक्चर के विकास पर जोर दिया गया है। देश में 7 हाई स्पीड रेल कारीडोर के बनने से रेल क्षेत्र का स्वरूप ही बदल जाएगा। बजट में विकास एवं सुधारों की निरंतरता को बनाए रखा गया है। इसका परिणाम है कि भारत आज दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था बन गया है। रिकार्ड पूंजीगत व्यय प्रस्तावों के चलते रोजगार सृजन, निजी निवेश और क्षेत्रीय संतुलन को बल मिलेगा।

सांसद ने कहा कि तटीय पर्यटन स्थलों की पहचान, औद्योगिक कॉरिडोर का विकास, हरित परिवहन के लिए ई बसों की व्यवस्था, अस्पतालों में आपात व ट्रामा केयर का विस्तार, उन्नत तकनीक में निवेश सरकार के स्थाई विकास की दिशा को बताते हैं। बजट में वित्त आयोग की सिफारिशों का स्वीकार करके विकास को गति देने की व्यवस्था कर दी गई है। अब गांव और शहरों में सेवाएं और सुविधाएं बेहतर होंगी।

देश के अलग-अलग हिस्सों में पांच यूनिवर्सिटी टाउनशिप प्रमुख औद्योगिक और लॉजिस्टिक कॉरिडोर के आसपास विकसित की जाएंगी। यह पहल इसलिए की जा रही है ताकि इंडस्ट्री और रोजगार सीधे उच्च शिक्षा के साथ जुड़ सकें। इन यूनिवर्सिटी टाउनशिप को बनाने में केंद्र सरकार विभिन्न राज्य सरकारों के साथ मिलकर काम करेगी। इसके साथ-साथ इन विश्वविद्यालयों में स्किल सेंटर बनाए जाएंगे, जहां पढ़ाई के साथ-साथ व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके अलावा टाउनशिप यूनिवर्सिटी में हाईटेक लेबोरेटरी, आधुनिक कॉलेज, रिसर्च सेंटर और इनोवेशन हब भी होंगे। ये पांच यूनिवर्सिटी टाउनशिप न सिर्फ शिक्षा की गुणवत्ता सुधारेंगी बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए मौके भी पैदा करेंगी। पूर्वी भारत में नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डिजाइन (एनआईडी) खोला जाएगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / विजयालक्ष्मी

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