उद्योग जगत ने केंद्रीय बजट 2026–27 को बताया भविष्यन्मुखी और विकासोन्मुख

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उद्योग जगत ने केंद्रीय बजट 2026–27 को बताया भविष्यन्मुखी और विकासोन्मुख


कोलकाता, 01 फ़रवरी (हि.स.)। भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) ने केंद्रीय बजट 2026–27 का स्वागत करते हुए इसे भरोसा जगाने वाला और दीर्घकालिक विकास का स्पष्ट रोडमैप बताया है। बजट वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच अगली पीढ़ी के सुधारों, निरंतर आर्थिक वृद्धि और मैक्रो-इकोनॉमिक स्थिरता के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

वहीं, बरनवाल ग्रुप ऑफ इंडस्ट्री ने भी केंद्रीय बजट 2026-27 का स्वागत किया है। बरनवाल ग्रुप ऑफ इंडस्ट्री के फाउंडर और सीईओ शंभू बरनवाल ने कहा कि बजट में सार्वजनिक पूंजीगत व्यय बढ़ाने और मैन्युफैक्चरिंग पर विशेष फोकस से अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। यह बजट युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा करने के साथ-साथ महिलाओं की आर्थिक स्थिति सशक्त बनाने की दिशा में भी अहम कदम उठाता है।

बजट में राजकोषीय अनुशासन और विकास के संतुलन पर जोर दिया गया है। वित्त वर्ष 2027 के लिए जीडीपी के 4.3 प्रतिशत राजकोषीय घाटे का लक्ष्य आर्थिक प्रबंधन में मजबूती को रेखांकित करता है। एमएसएमई सेक्टर के लिए एसएमई ग्रोथ फंड, बेहतर क्रेडिट व्यवस्था और ट्रेंड्स जैसे कदमों से उद्योगों को नई गति मिलने की उम्मीद है।

रेलवे के लिए 2.81 लाख करोड़ के आवंटन और सात हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर को कनेक्टिविटी के लिहाज से महत्वपूर्ण बताया गया है। डानकुनी–सूरत फ्रेट कॉरिडोर, नए जलमार्ग और बंदरगाह विकास से लॉजिस्टिक्स दक्षता बढ़ने और पूर्वी भारत के औद्योगिक विकास को मजबूती मिलने की संभावना जताई गई है।

मेडिकल टूरिज्म, क्रिटिकल मिनरल और रेयर अर्थ्स सेक्टर पर जोर को रोजगार और खनिज सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण बताया गया है। ओडिशा, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और केरल में प्रस्तावित रेयर अर्थ्स कॉरिडोर से माइनिंग, रिसर्च और मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा मिलेगा।

महिला उद्यमियों के लिए सी-मार्टस, लखपति दीदी योजना के विस्तार और सी-मार्कस पहचान, वहीं लघु उद्योग के लिए 10 हजार करोड़ का ग्रोथ फंड, ट्रेंड्स और आसान ऋण सुविधाओं को उद्योग जगत ने सराहनीय बताया है। कठिन वैश्विक हालातों में भारतीय अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाए रखने के लिए उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को बधाई दी।

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हिन्दुस्थान समाचार / धनंजय पाण्डेय

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