अर्थव्यवस्था मजबूत, सरकार आम आदमी को वैश्विक उथल-पुथल से सुरक्षित रखना चाहती हैः वित्त मंत्री
नई दिल्ली, 01 फरवरी (हि.स.)। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी की केन्द्रीय बजट की आलोचना को नजरअंदाज करते हुए कहा कि वे केवल तथ्यों पर जवाब दे सकती हैं, वे चाहें तो राजनीति कर सकते हैं। वित्त मंत्री ने दावा किया कि अर्थव्यवस्था के मूल तत्व मजबूत हैं। वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच सरकार लघु, मध्यम उद्यम, किसान, महिलाएं, स्वयं सहायता समूह और ग्रामीण क्षेत्र के लिए अनेक योजनाएं लाई है। सरकार का उद्देश्य आम नागरिक को बाहरी आर्थिक झटकों से सुरक्षित रखना है।
बजट बाद राष्ट्रीय मीडिया केन्द्र में आयोजित परंपरागत प्रेसवार्ता को आज मंत्रालय के अन्य सचिवों और मुख्य आर्थिक सलाहकार के साथ वित्त मंत्री ने संबोधित किया। उन्होंने कहा कि बजट 21वीं सदी के दूसरे चरण का पहला बजट है। इसमें विकसित भारत 2047 की दिशा में आर्थिक वृद्धि की गति बनाए रखने का मार्ग प्रशस्त करने का प्रयास किया गया है।
वित्त मंत्री ने बजट की प्रमुख बातों को सामने रखते हुए बताया कि सरकार का पूंजीगत व्यय (12 लाख करोड़) सकल घरेलू उत्पाद का 4.4 प्रतिशत है। यह पिछले एक दशक में सबसे अधिक है। उन्होंने कहा कि बजट का मुख्य उद्देश्य सतत आर्थिक वृद्धि को बनाए रखना है। इसके लिए संरचनात्मक सुधारों के माध्यम से एक पारिस्थितिकी तंत्र विकसित किया जा रहा है। इससे उत्पादकता बढ़ाने और रोजगार के नए अवसर सृजित करने पर सरकार का जोर है। सरकार दीर्घकालीन सुधारों के जरिए अर्थव्यवस्था को मजबूत आधार प्रदान कर रही है।
वित्त मंत्री ने विशेष तौर पर इस बात की ओर ध्यान दिलाया कि सरकार ने दुर्लभ खनिज गलियारा स्थापित करने का प्रस्ताव रखा है। इससे बाहरी दुनिया पर भारत की निर्भरता कम होगी। उन्होंने कहा कि रक्षा कॉरिडोर की सफलता से सरकार को प्रेरणा मिली है। राज्यों ने भी कहा है कि हमारे पास खनिज हैं और उनका उचित दोहन होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि ओडिशा, केरल, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु में इन गलियारों के माध्यम से खनिजों की खोज, प्रसंस्करण और उपयोग को बढ़ावा मिलेगा, जिससे रणनीतिक क्षेत्रों में आत्मनिर्भरता सुनिश्चित होगी। नए राष्ट्रीय जलमार्ग खनिज समृद्ध क्षेत्रों से होकर गुजरेंगे और लॉजिस्टिक्स, उद्योग तथा संसाधन परिवहन को मजबूती देंगे।
वित्त मंत्री बजट में उच्च शिक्षा पर जोर दिए जाने पर कहा कि सरकार देश के युवाओं के लिए विकल्प पैदा कर रही है। हमारा मकसद है कि शिक्षा के लिए छात्रों को विदेश न जाने पड़े देश में ही सुविधा मिल जाए। राज्य भी इसके पक्ष में है और शिक्षा संस्थान के लिए जमीन मुहैया कराना चाहते हैं।
इसके अलावा वित्त मंत्री ने बजट के प्रमुख बातें साझा की। उन्होंने कहा कि समर्पित फ्रेट कॉरिडोर, खनिज समृद्ध राष्ट्रीय जलमार्ग और तटीय कार्गो परिवहन से लॉजिस्टिक्स को सशक्त किया जाएगा। 5 हजार करोड़ रुपये की सिटी इकॉनॉमी रीजन योजना, उच्च गति रेल कॉरिडोर, फार्मास्यूटिकल क्षेत्र की मजबूती, 40 हजार करोड़ रुपये की इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण योजना और महत्वपूर्ण खनिजों पर फोकस से आत्मनिर्भरता को बल मिलेगा। तीन केमिकल पार्क, घरेलू निर्माण और निर्माण उपकरण उत्पादन को समर्थन दिया गया है। मछुआरों के लिए निर्यात अवसर बढ़ाए गए हैं और 17 दवाओं पर सीमा शुल्क छूट देकर स्वास्थ्य सेवाओं को किफायती बनाने का प्रयास किया गया है।--------------
हिन्दुस्थान समाचार / अनूप शर्मा

