केंद्र 1 से 15 मई तक लद्दाख में भगवान बुद्ध के पवित्र अवशेषों का सार्वजनिक प्रदर्शन करेगी, लेह और जांस्कर में होंगे विशेष आयोजन
नई दिल्ली, 23 अप्रैल (हि.स.)। केंद्र सरकार लद्दाख में 1 से 15 मई तक भगवान बुद्ध के पवित्र अवशेषों को प्रदर्शित करेगी। इस 15 दिवसीय आयोजन के दौरान श्रद्धालुओं को पवित्र अवशेषों के दर्शन कराए जाएंगे और विभिन्न धार्मिक व सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय के अनुसार, 1 मई को लेह में बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर उद्घाटन के साथ ही पवित्र अवशेषों के सार्वजनिक दर्शन शुरू होंगे। इस दौरान प्रार्थना सभाएं, दीप प्रज्वलन और अन्य पारंपरिक आयोजन किए जाएंगे।
कार्यक्रम के तहत 2 से 14 मई तक ध्यान सत्र, योग शिविर, स्वास्थ्य जांच शिविर, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और हिमालयी बौद्ध धर्म पर अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित होंगे।
महाबोधि इंटरनेशनल मेडिटेशन सेंटर, धर्मा सेंटर, लेह पैलेस और सीआईबीएस लेह प्रमुख आयोजन स्थल होंगे। 11 और 12 मई को यह आयोजन जांस्कर तक विस्तारित किया जाएगा, जहां भी श्रद्धालुओं को पवित्र अवशेषों के दर्शन कराए जाएंगे। 14 मई को लेह में समापन समारोह होगा, जबकि 15 मई को अवशेषों की वापसी होगी।
इस आयोजन में अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधिमंडलों, राजदूतों, बौद्ध धर्मगुरुओं और अन्य गणमान्य व्यक्तियों के शामिल होने की संभावना है। इसे बौद्ध आस्था, सांस्कृतिक विरासत और पर्यटन के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व राष्ट्रीय संग्रहालय, नई दिल्ली में आयोजित कर्टेन रेज़र कार्यक्रम में केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने इस पहल को वैश्विक शांति और सांस्कृतिक जुड़ाव की दिशा में अहम बताया था।
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हिन्दुस्थान समाचार / प्रशांत शेखर

