खाड़ी युद्ध के मद्देनजर देशभर में एलपीजी-पेट्रोल और डीजल की उपलब्धता सुनश्चित करें सरकार: मायावती
— मायावती का दावा- 2027 में उत्तर प्रदेश में बनेगी बसपा की सरकार
— अपराधियों व बहुजन समाज का अपमान करने वालों को नहीं मिलेगा टिकट
लखनऊ, 31 मार्च (हि.स.)। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने कहा कि इस समय अमेरिका-इजराइल और ईरान देशाें के युद्ध के बीच केंद्र सरकार देशभर में एलपीजी-पेट्रोल और डीजल की उपलब्धता सुनश्चित करें। वस्तुओं की कीमतों पर भारी वृद्धि से 'गरीबी में आटा गीला होने' से उनकी परेशानियां कई गुना बढ़ गई हैं। इसके समाधान के लिए सरकार को प्रभावी कदम उठाना चाहिए।
बसपा प्रमुख मायावती मंगलवार काे यहां पार्टी कार्यालय में पदाधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर रही थीं। उन्हाेंने कहा कि खाड़ी युद्ध की वजह से भारत में रसोई गैस, पेट्रोल और पेट्रोलियम पदार्थों आदि के संकट का सामना करना पड़ रहा है। इसके कारण सभी प्रकार की वस्तुओं की कीमतों पर भारी वृद्धि हुई है। गरीब और मेहनतकश समाज के लोग जो पहले से ही संघर्ष कर रहे है इसकी वजह से 'गरीबी में आटा गीला होने' से उनकी परेशानियां कई गुना बढ़ गई हैं। इसके समाधान के लिए सरकार को लगातार प्रभावी कदम उठाना जरूरी है, ताकि देश की जनता को नोटबंदी और कोरोना महामारी जैसा संकट के एक और अभूतपूर्व दौर से गुजरना न पड़े।
संगठन की इस बैठक में बसपा प्रमुखा ने निर्देशों और कार्यों की प्रगति रिपोर्ट का आकलन किया। बैठक में बसपा प्रमुख ने कहा कि देश व जनहित के प्रति सरकारी उदासीनता से त्रस्त करोड़ों की जनता काफी परेशान है और बसपा से उन्हें काफी उम्मीद है। इन उम्मीदों पर खरा उतरने के लिए पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं को पूरी निष्ठा, लगन से कार्य करना होगा। इसमें लापरवाही कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बैठक में ज्वलंत राष्ट्रीय मुद्दों पर चर्चा हुई, जिसमें बढ़ती महंगाई और बेरोजगारी शामिल थी। बैठक में अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच चल रहे संघर्ष से उत्पन्न विभिन्न चुनौतियों पर भी विमर्श किया गया। इस पर बसपा प्रमुख ने सरकार से कहा है कि 'आत्मनिभर्रता' केवल एक लुभावना स्लोगन नहीं बल्कि इसकों पूरी तत्परता व ईमानदारी के साथ वास्तविकता में बदलना होगा। जिससे देश की जरूरत के साथ विकास में बाधक ईधन आदि को लेकर हाहाकार को दूर करने के लिए सघन प्रयास जरूरी है।
बसपा प्रमुख ने कहा कि राष्ट्रीय और जनहित से जुड़े मामलों पर, सरकार के लिए यह अत्यंत महत्वपूर्ण है कि वह विपक्ष को विश्वास में लेकर सर्वसम्मति से दीर्घकालीन नीति पर कार्य करें। इसके साथ ही प्राइवेट सेक्टर पर अत्याधिक आश्रित होकर देश को स्वावलम्बी व आत्मनिर्भर बनाया जा सकता है, इस पर भी गंभीरता से चिंतन जरूरी है।
यूपी विधानसभा के अगले चुनाव को लेकर मायावती ने कहा कि आपराधिक तत्वों, दूसरी पार्टियों की तरह, कतई भी प्रश्रय नहीं दिया जाए। बसपा के कथनी व करनी में 'सर्वजन हिताय व सर्वजन सुखाय की विशिष्ट पहचान रखने वाली पार्टी होने के कारण पार्टियों के उम्मीदवारों की शार्टलिस्ट करते समय सर्वसमाज को उचित व समुचित प्रतिनिधित्व देने का भी सही से ख्याल रखने का निर्देश दिए।
मायावती ने आरक्षण के मुद्दे पर सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि एससी-एसटी व ओबीसी समाज को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए संविधान में दिए गये खासकर 'आरक्षण'के उनके अधिकार को जिस तरह केंद्र व राज्य सरकारें निष्प्रभावी बनाने में लगी है इसकी जितनी भी निंदा की जाए वो कम है। उन्होंने कहा कि महिला आरक्षण में कमजोर वर्गों की महिलाओं को, इसमें अलगस से आरक्षण नहीं दिए जाने से क्या इन वर्गों को अपेक्षित विकास संभव हो पाएगा, यह सोचने वाली बात है और केंद्र सरकार को इस पर ध्यान देना चाहिए। बसपा प्रमुख ने कहा कि 14 अप्रैल को बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर की जयंती है। पार्टी से जुड़े पदाधिकारी व कार्यकर्ता 18 मंडलों में बाबा साहेब को श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे।
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हिन्दुस्थान समाचार / दीपक

