ब्रिक्स देशों ने टीसीआईएम को मजबूत करने के लिए मिलाया हाथ, विशेषज्ञ कार्य समूह के गठन की तैयारी
नई दिल्ली, 21 जुलाई (हि.स.)। भारत की ब्रिक्स 2026 अध्यक्षता के तहत चंडीगढ़ में मंगलवार को पारंपरिक, पूरक और एकीकृत चिकित्सा (टीसीआईएम) पर बैठक आयोजित की गई। बैठक में सदस्य देशों ने पारंपरिक चिकित्सा के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने, शोध को प्रोत्साहित करने और बेहतर स्वास्थ्य प्रणालियों के निर्माण पर चर्चा की।
केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय और आयुष मंत्रालय की ओर से आयोजित इस बैठक में ब्राजील, चीन, मिस्र, इथियोपिया, भारत, ईरान, रूस, दक्षिण अफ्रीका और संयुक्त अरब अमीरात के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
बैठक में ब्रिक्स एक्सपर्ट वर्किंग ग्रुप ऑन टीलीआईएम के गठन के लिए प्रस्तावित मसौदा सदस्य देशों की सहमति से अंतिम रूप दिया गया। यह समूह पारंपरिक चिकित्सा में अनुसंधान, शिक्षा, नीति निर्माण और नियामकीय सहयोग को बढ़ावा देने का काम करेगा।
आयुष मंत्रालय के सचिव वैद्य राजेश कोटेचा ने बैठक का उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने भारत की आयुष परंपरा और वैश्विक स्तर पर पारंपरिक चिकित्सा सहयोग को बढ़ाने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों पर प्रकाश डाला।
कार्यक्रम के दौरान आयुष ज़ोन भी आकर्षण का केंद्र रहा, जहां ब्रिक्स प्रतिनिधियों ने आयुष आहार, स्वास्थ्य एवं वेलनेस परामर्श, योग गतिविधियों और भारत की हर्बल विरासत का अनुभव लिया।
बैठक में पारंपरिक चिकित्सा क्षेत्र में क्षमता निर्माण, शिक्षा, मानव संसाधन विकास, छात्र एवं शिक्षक आदान-प्रदान और अनुसंधान साझेदारी जैसे मुद्दों पर भी चर्चा हुई।
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हिन्दुस्थान समाचार / विजयालक्ष्मी

