ब्रिक्स एनएसए ने आतंक से निपटने की प्रतिबद्धता दोहराई

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ब्रिक्स एनएसए ने आतंक से निपटने की प्रतिबद्धता दोहराई


ब्रिक्स एनएसए ने आतंक से निपटने की प्रतिबद्धता दोहराई


नई दिल्ली, 23 जून (हि.स.)। ब्रिक्स राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों की 16वीं बैठक मंगलवार को नई दिल्ली में आयोजित की गई। इस दौरान आतंकवाद के सभी रूपों और अभिव्यक्तियों से निपटने के लिए अपनी प्रतिबद्धता दोहराई गई, जिसमें आतंकवादियों द्वारा नई तकनीकों के इस्तेमाल का मुकाबला करना भी शामिल है।

विदेश मंत्रालय के अनुसार राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों व प्रतिनिधिमंडलों के प्रमुखों ने 2026 में भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता के लिए अपना पूर्ण समर्थन व्यक्त किया, जिसका विषय था: लचीलेपन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता के लिए निर्माण। बैठक के समापन के बाद उन्होंने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से संयुक्त रूप से मुलाकात की।

प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर कहा, “ब्रिक्स देशों के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों और वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारियों से मिलकर प्रसन्नता हुई। बदलते वैश्विक परिदृश्य में, ब्रिक्स सुरक्षा सहयोग को मजबूत करने और आतंकवाद, साइबर सुरक्षा से लेकर उभरती प्रौद्योगिकियों तक की साझा चुनौतियों का समाधान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। भारत की अध्यक्षता में व्यावहारिक सहयोग को बढ़ावा देने, वैश्विक दक्षिण की प्राथमिकताओं का समर्थन करने और एक सुरक्षित, अधिक संरक्षित और समावेशी विश्व के निर्माण में योगदान देने का प्रयास किया जाएगा।”

ब्रिक्स एनएसए के दौरान ब्रिक्स सदस्य देशों के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों व प्रतिनिधिमंडलों के प्रमुखों ने दुनिया के सामने मौजूद सुरक्षा चुनौतियों पर विचार-विमर्श किया। गैर-पारंपरिक क्षेत्रों में उन्होंने ऊर्जा सुरक्षा, खाद्य सुरक्षा, आपूर्ति श्रृंखला सुरक्षा, आतंकवादी नेटवर्क द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली नई तकनीकों, साइबर सुरक्षा और जलवायु-जनित अस्थिरता से जुड़ी चुनौतियों पर चर्चा की।

राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों एवं प्रतिनिधिमंडलों के प्रमुखों ने 21-22 मई को आयोजित आतंकवाद-रोधी ब्रिक्स संयुक्त कार्य समूह और 8-9 जून को आयोजित सूचना और संचार प्रौद्योगिकियों के उपयोग में सुरक्षा पर कार्य समूह की गतिविधियों और परिणामों की समीक्षा भी की। नेताओं ने ब्रिक्स सहयोग को और बढ़ाने, विशेष रूप से सदस्यों की क्षमता को मजबूत करने, सूचना साझा करने को बढ़ाने और आतंकवाद तथा साइबर जोखिमों का सामूहिक रूप से मुकाबला करने के लिए ब्रिक्स कानून-प्रवर्तन एजेंसियों के बीच समन्वय स्थापित करने पर का समर्थन किया।

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हिन्दुस्थान समाचार / अनूप शर्मा

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