ब्रिक्स देशों की जनसांख्यिकीय ताकत उन्हें कामकाज के भविष्य को आकार देने का अवसर देती है : डॉ. मनसुख मांडविया

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ब्रिक्स देशों की जनसांख्यिकीय ताकत उन्हें कामकाज के भविष्य को आकार देने का अवसर देती है : डॉ. मनसुख मांडविया


ब्रिक्स देशों की जनसांख्यिकीय ताकत उन्हें कामकाज के भविष्य को आकार देने का अवसर देती है : डॉ. मनसुख मांडविया


ब्रिक्स देशों की जनसांख्यिकीय ताकत उन्हें कामकाज के भविष्य को आकार देने का अवसर देती है : डॉ. मनसुख मांडविया


ब्रिक्स देशों की जनसांख्यिकीय ताकत उन्हें कामकाज के भविष्य को आकार देने का अवसर देती है : डॉ. मनसुख मांडविया


ब्रिक्स देशों की जनसांख्यिकीय ताकत उन्हें कामकाज के भविष्य को आकार देने का अवसर देती है : डॉ. मनसुख मांडविया


ब्रिक्स देशों की जनसांख्यिकीय ताकत उन्हें कामकाज के भविष्य को आकार देने का अवसर देती है : डॉ. मनसुख मांडविया


- इंदौर में भारत की अध्यक्षता में ब्रिक्स युवा परिषद उद्यमिता कार्य समूह की दो दिवसीय बैठक प्रारंभ

इंदौर, 20 मई (हि.स.)। केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने कहा कि बिक्स देश मिलकर दुनिया की लगभग आधी आबादी का प्रतिनिधित्व करते हैं। कई ब्रिक्स अर्थव्यवस्थाओं में 50% से अधिक आबादी 35 वर्ष से कम आयु की है। अकेले भारत में लगभग 65% आबादी 35 वर्ष से कम आयु की है। यह जनसांख्यिकीय ताकत ब्रिक्स देशों को कामकाज के भविष्य को आकार देने का अवसर देती है। ब्रिक्स देशों में युवा पहले से ही परिवर्तनकारी बदलाव ला रहे हैं।

केंद्रीय मंत्री डॉ. मांडविया बुधवार को मध्य प्रदेश के इंदौर में शुरू हुई ब्रिक्स युवा परिषद उद्यमिता कार्य समूह की बैठक को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संबोधित कर रहे थे। भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता 2026 के हिस्से के रूप में इंदौर में आयोजित इस बैठक में उद्यमिता में सहयोग को मजबूत करने और नवाचार-आधारित सतत विकास को बढ़ावा देने पर विचार-विमर्श के लिए ब्रिक्स देशों के युवा उद्यमी, प्रतिनिधि, नीति-निर्माता और हितधारक एक साथ आए हैं।

केंद्रीय मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने कौशल विकास, डिजिटल समावेशन और उद्यम-आधारित विकास पर केंद्रित प्रयासों के माध्यम से सम्मानजनक रोजगार के अवसरों का विस्तार करने और दुनिया के सबसे जीवंत स्टार्ट-अप पारिस्थितिकी तंत्रों में से एक का निर्माण करने में उल्लेखनीय प्रगति की है।

स्थानीय नवाचार से वैश्विक प्रभाव तक: युवा-नेतृत्व वाले स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र के लिए ब्रिक्स सहयोग” पर एक समर्पित सत्र में भाग लेने वाले ब्रिक्स देशों ने उद्यमिता के क्षेत्र में अपने अनुभव, पहल और सर्वोत्तम प्रथाओं को प्रस्तुत किया। इस सत्र ने विचारों के आदान-प्रदान और ब्रिक्स देशों के बीच स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने तथा सहयोग बढ़ाने पर चर्चा के लिए एक मंच प्रदान किया।

जब ब्रिक्स देश साथ काम करते हैं तो स्थानीय नवाचार वैश्विक प्रभाव पैदा कर सकते हैं: रक्षा खडसे

सत्र को संबोधित करते हुए, युवा कार्यक्रम एवं खेल राज्य मंत्री रक्षा निखिल खडसे ने कहा कि “जब ब्रिक्स देश एक साथ काम करते हैं और एक-दूसरे से सीखते हैं, तो स्थानीय नवाचार वैश्विक प्रभाव पैदा कर सकते हैं।” उन्होंने भारत के तेजी से बढ़ते स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र को भी रेखांकित किया और कहा कि छोटे शहरों और टियर-2 तथा टियर-3 शहरों के युवा तेजी से सफल उद्यम बना रहे हैं, जो समावेशी और युवा-नेतृत्व वाले नवाचार के प्रति देश की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

पूर्ण सत्र को संबोधित करते हुए, युवा कार्यक्रम विभाग की सचिव डॉ. पल्लवी जैन गोविल ने नवाचार और समावेशी विकास को बढ़ावा देने में युवा उद्यमिता के बढ़ते महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि युवा-नेतृत्व वाली उद्यमिता को तेजी से नवाचार, रोजगार और समावेशी विकास के एक प्रमुख चालक के रूप में मान्यता दी जा रही है। जैसे-जैसे हमारी अर्थव्यवस्थाएं विकसित हो रही हैं, युवा उद्यमी ऐसे समाधान तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं, जो स्थानीय रूप से प्रासंगिक और वैश्विक रूप से अनुकूलनीय दोनों हैं।”

उन्होंने जोर देकर कहा कि ब्रिक्स उद्यमिता कार्य समूह सदस्य देशों को विकासात्मक अनुभवों का आदान-प्रदान करने और विविध आर्थिक संदर्भों में लचीले और भविष्य के लिए तैयार उद्यमशील पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने के लिए व्यावहारिक और मापनीय दृष्टिकोणों की पहचान करने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच प्रदान करता है।

उद्घाटन सत्र में मध्य प्रदेश के खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग, भारत सरकार के युवा कार्यक्रम विभाग के अपर सचिव नितेश कुमार मिश्रा, ब्रिक्स सदस्य देशों के प्रतिनिधि, वरिष्ठ सरकारी अधिकारी, युवा उद्यमी और उद्यमिता एवं नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र के हितधारक शामिल हुए।

कार्यक्रम की शुरुआत प्रौद्योगिकी, सततता और सामाजिक उद्यम सहित विभिन्न क्षेत्रों में नवाचारों और उद्यमशील पहलों को प्रदर्शित करने वाली एक प्रदर्शनी के उद्घाटन के साथ हुई। कार्यक्रम में ब्रिक्स देशों में युवा-नेतृत्व वाले उद्यमशील पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने पर केंद्रित पूर्ण चर्चाएं और संवादात्मक जुड़ाव भी शामिल थे।

बैठक में डिजिटल नवाचार और प्रौद्योगिकी-संचालित उद्यमिता, सामाजिक और समावेशी उद्यमिता, तथा हरित उद्यमिता और जलवायु-सकारात्मक व्यापार मॉडल पर केंद्रित विषयगत पैनल चर्चाएं भी हुईं। चर्चाओं में एआई, फिनटेक, एग्रीटेक, सततता और स्वच्छ ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में युवा उद्यमियों के लिए उभरते अवसरों का पता लगाया गया, साथ ही समावेशी विकास और समुदाय-संचालित उद्यम के महत्व पर भी प्रकाश डाला गया।

पैनल चर्चाओं के अलावा कार्यक्रम में संवाद, सहयोग और प्रतिभागियों के बीच देशों के बीच सीखने को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से संवादात्मक नेटवर्किंग जुड़ाव और युवा उद्यमियों के साथ एक फायरसाइड वार्ता भी शामिल थी। बैठक ने प्रतिनिधियों को अनुभव साझा करने, सर्वोत्तम प्रथाओं का आदान-प्रदान करने और ब्रिक्स देशों में उद्यमिता और नवाचार में गहरे सहयोग के रास्ते तलाशने का अवसर प्रदान किया है। कार्यक्रम कार्यशालाओं, चर्चाओं और संवादात्मक सत्रों के साथ जारी रहेगा, जिसका उद्देश्य ब्रिक्स देशों के युवा उद्यमियों के बीच साझेदारी को बढ़ावा देना और सहयोग को मजबूत करना है।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर

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