राष्ट्रीय सूचना एवं जनसंपर्क सचिव सम्मेलन में बिहार की भागीदारी

WhatsApp Channel Join Now
राष्ट्रीय सूचना एवं जनसंपर्क सचिव सम्मेलन में बिहार की भागीदारी


पटना, 25 अगस्त (हि.स.)। बिहार सरकार के सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के सचिव नवीन कुमार ने मंगलवार को विज्ञान भवन, नई दिल्ली में आयोजित राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों के सूचना एवं जनसंपर्क सचिवों के राष्ट्रीय सम्मेलन में बिहार का प्रतिनिधित्व किया। सम्मेलन में भारत सरकार के सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के सचिव चंचल कुमार सहित केंद्र सरकार तथा विभिन्न राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

सम्मेलन का उद्देश्य केंद्र और राज्यों के बीच सूचना एवं जनसंचार व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने, बदलते मीडिया परिदृश्य के अनुरूप नई व्यवस्थाओं को अपनाने तथा परस्पर समन्वय को सुदृढ़ करना रहा। सम्मेलन के दौरान सूचना एवं प्रसारण क्षेत्र से जुड़े विभिन्न नीतिगत एवं व्यावहारिक विषयों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।

बैठक में प्रेस सूचना ब्यूरो और राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों के सूचना एवं जनसंपर्क विभागों के बीच साझेदारी को मजबूत करने पर विशेष चर्चा हुई। इसके साथ ही सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारियों के क्षमता निर्माण के लिए भारतीय जनसंचार संस्थान की प्रशिक्षण सुविधाओं के उपयोग पर भी विचार किया गया।

सम्मेलन में वेव्स 2027 की रूपरेखा, वेव्स बाजार के माध्यम से बाजार तक पहुंच को मजबूत करने, सार्वजनिक सेवा प्रसारण अवसंरचना के विस्तार तथा राज्य-विशिष्ट कार्यक्रमों और जनसंपर्क को प्रभावी बनाने जैसे विषयों पर भी चर्चा हुई। फिल्म शूटिंग एवं लाइव इवेंट की अनुमति के लिए इंडिया सिने हब के सिंगल विंडो पोर्टल को अपनाने तथा सार्वजनिक सेवा प्रसारण में राज्यों की भागीदारी बढ़ाने पर विचार किया गया।

इसके अतिरिक्त प्रेस एंड रेजिट्रेशन ऑफ पेरिऑडिकल्स (पीआरपी) ऐक्ट, 2023 के अंतर्गत प्रेस सेवा पोर्टल के माध्यम से डिजिटल व्यवस्था की ओर संक्रमण, ग्रामीण एवं वंचित क्षेत्रों में कम लागत वाले सिनेमा को प्रोत्साहन, सिनेमा हॉल में सुगम्यता मानकों के क्रियान्वयन तथा वैव एक्स स्टेट एकोसिस्टम को प्रभावी बनाने जैसे विषय भी सम्मेलन के एजेंडे में शामिल रहे।

बिहार की ओर से सम्मेलन में भागीदारी राज्य की सूचना एवं जनसंपर्क व्यवस्था को राष्ट्रीय स्तर पर विकसित हो रही नई तकनीकों, डिजिटल माध्यमों और संस्थागत व्यवस्थाओं से और अधिक प्रभावी ढंग से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण रही। सम्मेलन ने केंद्र और राज्यों के बीच अनुभवों एवं कार्यप्रणालियों के आदान-प्रदान के साथ बेहतर समन्वय और क्षमता निर्माण के लिए साझा मंच प्रदान किया।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / सुरभित दत्त

Share this story