भगवान श्री राम केवल आस्था के प्रतीक ही नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, मर्यादा व आदर्शों के सर्वोच्च स्वरूप हैं : नितिन नवीन

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भगवान श्री राम केवल आस्था के प्रतीक ही नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, मर्यादा व आदर्शों के सर्वोच्च स्वरूप हैं : नितिन नवीन


पटना, 27 मार्च (हि.स.)। रामनवमी के पावन अवसर पर शुक्रवार को बिहार की राजधानी पटना में भव्य धार्मिक और सांस्कृतिक वातावरण देखने को मिला। डाकबंगला चौराहे पर श्री श्री रामनवमी शोभा यात्रा अभिनंदन समिति द्वारा आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु और कार्यकर्ता शामिल हुए।

इस कार्यक्रम में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी सहित राज्य सरकार के कई वरिष्ठ मंत्री और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के नेता उपस्थित रहे। पूरे आयोजन स्थल पर भक्तिमय माहौल बना रहा।

कार्यक्रम के दौरान कंकड़बाग, कदमकुआं और अन्य क्षेत्रों से आई आकर्षक झांकियों का प्रदर्शन किया गया। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और नितिन नवीन ने विधिवत आरती उतारकर झांकियों का स्वागत किया। मंच संचालन भी नितिन नवीन ने किया, जहां उन्होंने रामभक्ति और सांस्कृतिक एकता का संदेश दिया।

झांकियों में भगवान श्रीराम, माता सीता और हनुमान जी के जीवन प्रसंगों को सुंदर और मनोहारी रूप में प्रस्तुत किया गया, जिसने उपस्थित जनसमूह को भावविभोर कर दिया। वहीं, मंच पर प्रस्तुत भक्ति संगीत और कलाकारों की प्रस्तुतियों ने पूरे वातावरण को आध्यात्मिक रंग में रंग दिया।

इस अवसर पर “जय श्री राम” के उद्घोष से पूरा परिसर गूंज उठा और श्रद्धालु भक्ति भाव में डूबे नजर आए।

अपने संबोधन में नितिन नवीन ने कहा कि प्रभु श्रीराम केवल आस्था के प्रतीक नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, मर्यादा और आदर्शों के सर्वोच्च उदाहरण हैं। उन्होंने कहा कि रामनवमी समाज को एकता, सेवा और राष्ट्र निर्माण के लिए प्रेरित करती है। उन्होंने सभी से अपील की कि वे श्रीराम के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाकर देश के विकास में योगदान दें।

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हिन्दुस्थान समाचार / सुरभित दत्त

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