केन्द्रीय मंत्री जे.पी. नड्डा ने लोकनायक जयप्रकाश नारायण को किया नमन, कहा—लोकतंत्र की रक्षा का संदेश आज भी प्रासंगिक
पटना, 25 जून (हि.स.)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने गुरुवार को आपातकाल की वर्षगांठ के अवसर पर पटना प्रवास के दौरान लोकनायक जयप्रकाश नारायण को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कदमकुआं स्थित महिला चरखा समिति परिसर पहुंचकर लोकनायक की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया और उनके योगदान को स्मरण किया।
इस दौरान नड्डा ने महिला चरखा समिति परिसर में स्थित जयप्रकाश नारायण के आवास का भी भ्रमण किया तथा वहां आयोजित प्रदर्शनी का अवलोकन किया। प्रदर्शनी में लोकनायक के जीवन, उनके विचारों, लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति समर्पण तथा आपातकाल के खिलाफ चलाए गए ऐतिहासिक आंदोलन से संबंधित विभिन्न जानकारियां प्रदर्शित की गई थीं।
मौके पर नड्डा ने कहा कि लोकनायक जयप्रकाश नारायण भारतीय लोकतंत्र के ऐसे महानायक थे, जिन्होंने सत्ता के दमन, तानाशाही प्रवृत्तियों और लोकतांत्रिक संस्थाओं पर हो रहे हमलों के विरुद्ध पूरे देश को एकजुट करने का ऐतिहासिक कार्य किया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की रक्षा के लिए जेपी द्वारा किया गया संघर्ष भारतीय राजनीतिक इतिहास में सदैव स्मरणीय रहेगा।
उन्होंने कहा कि आपातकाल भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का एक काला अध्याय था। उस दौर में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर प्रतिबंध लगाए गए, विपक्ष की आवाज को दबाने का प्रयास किया गया और संविधान की मूल भावना को आघात पहुंचाया गया। ऐसे कठिन समय में जयप्रकाश नारायण ने लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए जो संघर्ष किया, वह आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
प्रदर्शनी का अवलोकन करने के बाद नड्डा ने कहा कि जयप्रकाश नारायण केवल एक राजनीतिक नेता नहीं थे, बल्कि वे नैतिक राजनीति, जनभागीदारी और वैचारिक प्रतिबद्धता के प्रतीक थे। उनके विचार और आदर्श आज भी लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में मार्गदर्शन प्रदान करते हैं।
उन्होंने कहा कि भाजपा लोकनायक जयप्रकाश नारायण के विचारों, उनके संघर्षों और लोकतंत्र की रक्षा के लिए दिए गए योगदान का सदैव सम्मान करती है। आपातकाल की वर्षगांठ केवल इतिहास को याद करने का अवसर नहीं है, बल्कि यह लोकतांत्रिक मूल्यों, संवैधानिक मर्यादाओं और जनता की आवाज के सम्मान के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराने का भी अवसर है।
नड्डा ने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती नागरिकों की जागरूकता, संवैधानिक संस्थाओं की स्वतंत्रता और जनमत के सम्मान पर निर्भर करती है। ऐसे में लोकनायक जयप्रकाश नारायण के आदर्शों को आत्मसात कर लोकतंत्र को और अधिक सशक्त बनाने की आवश्यकता है।------------
हिन्दुस्थान समाचार / सुरभित दत्त

