किशनगंज में पकड़े गए दो बांग्लादेशी नागरिकों से आईबी की पूछताछ में फर्जी दस्तावेज-घुसपैठ नेटवर्क के मिले सुराग

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किशनगंज में पकड़े गए दो बांग्लादेशी नागरिकों से आईबी की पूछताछ में फर्जी दस्तावेज-घुसपैठ नेटवर्क के मिले सुराग


किशनगंज, 28 जुलाई (हि.स.)। बिहार के सीमावर्ती किशनगंज जिले में गिरफ्तार दो बांग्लादेशी नागरिकों के मामले की जांच लगातार गहराती जा रही है। नेपाल, बंग्लादेश और पश्चिम बंगाल की सीमाओं से जुड़े इस संवेदनशील क्षेत्र में हुई गिरफ्तारी के बाद खुफिया ब्यूरो (आईबी) ने मामले की कमान संभालते हुए दोनों आरोपितों से गहन पूछताछ की है। प्रारंभिक जांच में अवैध घुसपैठ, फर्जी भारतीय दस्तावेज तैयार कराने और सीमा पार सक्रिय नेटवर्क से जुड़े कई महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं। अब आईबी और स्थानीय पुलिस पूरे गिरोह की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है।

आईबी अधिकारियों के अनुसार, सोमवार को किशनगंज के कार्यवाहक पुलिस अधीक्षक हरिमोहन शुक्ला के निर्देश पर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ-1) खुसरू सिराज ने इंटेलिजेंस यूनिट के साथ प्रेम पुल के समीप संयुक्त वाहन जांच अभियान चलाया। इसी दौरान मोटरसाइकिल से जा रहे एक संदिग्ध व्यक्ति को रोकने का प्रयास किया गया। पुलिस को देखकर उसने भागने की कोशिश की, लेकिन सुरक्षा बलों ने उसे घेरकर पकड़ लिया। पूछताछ में उसके साथ मौजूद महिला भी बांग्लादेशी नागरिक निकली।

जांच के दौरान दोनों आरोपित भारत में वैध रूप से रहने संबंधी कोई दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके। पूछताछ में गिरफ्तार आरोपित मो. हसन शेख उर्फ असनउल्ला मल ने बताया कि उसकी पत्नी तय्यबा इस्लाम उर्फ तंजीला अख्तर किशनगंज जिले के महीनगांव निवासी जाकिर हुसैन के घर पर रह रही थी। जांच एजेंसियों को संदेह है कि जाकिर हुसैन दोनों बांग्लादेशी नागरिकों को पनाह देने के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर उनकी गतिविधियों में सहयोग कर रहा था। इस पहलू की भी गंभीरता से जांच की जा रही है।

पूछताछ में हसन शेख ने खुलासा किया कि भारत में अवैध रूप से प्रवेश करने के लिए उसने एक दलाल को 15 हजार रुपये दिए थे। दलाल ने उसे असम के रास्ते भारत-बांग्लादेश सीमा पार कराई, जिसके बाद वह ट्रेन से किशनगंज पहुंचा। जांच में यह भी सामने आया कि उसने उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले के भैरवा थाना क्षेत्र से फर्जी जन्म प्रमाण-पत्र बनवाया था। इसी आधार पर आधार कार्ड, पैन कार्ड सहित अन्य भारतीय पहचान पत्र तैयार कराए गए, जिनका उपयोग वह भारत में अपनी पहचान छिपाने के लिए कर रहा था।

पूछताछ के दौरान उसने यह भी बताया कि वह ओमान से भारत लौटा था और यहां से बांग्लादेश जाने की तैयारी में था। भारत में उसने 'हसन शेख' नाम का इस्तेमाल किया, जबकि बांग्लादेश में उसका वास्तविक नाम असनउल्ला बताया गया है। आईबी ने उसके कब्जे से कई संदिग्ध दस्तावेज और अन्य महत्वपूर्ण सामग्री बरामद की है, जिनकी फॉरेंसिक और तकनीकी जांच कराई जा रही है।

गिरफ्तार महिला तय्यबा इस्लाम उर्फ तंजीला अख्तर ने पूछताछ में बताया कि वह बांग्लादेश के नारायणगंज जिले की रहने वाली है। उसने किशनगंज निवासी जाकिर हुसैन से विवाह किया था और विवाह के बाद से उसी के साथ रह रही थी। जांच एजेंसियां अब इस विवाह की वैधता, दोनों के संपर्कों तथा भारत में उनके निवास की पूरी अवधि का सत्यापन कर रही हैं।

पुलिस और आईबी की संयुक्त जांच अब फर्जी दस्तावेज तैयार करने वाले गिरोह, सीमा पार घुसपैठ कराने वाले दलालों, स्थानीय सहयोगियों तथा संभावित अंतरराज्यीय नेटवर्क पर केंद्रित है। अधिकारियों का मानना है कि जांच आगे बढ़ने के साथ इस पूरे रैकेट से जुड़े कई अन्य लोगों की भूमिका भी सामने आ सकती है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियां सभी पहलुओं की गहन पड़ताल कर रही हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / धर्मेन्द्र सिंह

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