बीएमएस की अखिल भारतीय कार्यसमिति संपन्न, ईपीएस पेंशन बढ़ाने और श्रम संहिताओं में संशोधन की मांग दोहराई

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बीएमएस की अखिल भारतीय कार्यसमिति संपन्न, ईपीएस पेंशन बढ़ाने और श्रम संहिताओं में संशोधन की मांग दोहराई


रांची, 28 जुलाई (हि.स.)। भारतीय मजदूर संघ (बीएमएस) की तीन दिवसीय अखिल भारतीय कार्यसमिति की बैठक मंगलवार को सरला बिरला परिसर, रांची में संपन्न हो गई। 26 से 28 जुलाई तक आयोजित इस महत्वपूर्ण बैठक में देशभर से आए प्रतिनिधियों ने संगठित एवं असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों से जुड़े विभिन्न मुद्दों, बदलते श्रम परिदृश्य, श्रम सुधारों तथा समसामयिक राष्ट्रीय श्रम विषयों पर व्यापक मंथन किया।

बैठक के दौरान प्रस्तावित श्रम सुधारों और चार श्रम संहिताओं के क्रियान्वयन की समीक्षा की गई। कार्यसमिति ने निर्णय लिया कि भारतीय मजदूर संघ दो प्रमुख श्रम संहिताओं औद्योगिक संबंध संहिता (आईआर कोड) और व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं कार्य परिस्थितियां संहिता (ओएसएच कोड) के संबंध में अपने सुझाव एवं आपत्तियां औपचारिक रूप से केंद्र सरकार के समक्ष प्रस्तुत करेगा, ताकि श्रमिकों के हितों की प्रभावी सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

कार्यसमिति ने बोनस अधिनियम तथा कर्मचारी राज्य बीमा (ईएसआई) योजना के तहत वर्तमान 21,000 रुपये की वेतन सीमा को बढ़ाकर 42,000 रुपये किए जाने की मांग एक बार फिर उठाई। इसके साथ ही कर्मचारी पेंशन योजना (ईपीएस-95) के अंतर्गत मिलने वाली न्यूनतम 1,000 रुपये मासिक पेंशन को बढ़ाकर 7,500 रुपये करने तथा उसे महंगाई भत्ते (डीए) से जोड़ने की अपनी लंबे समय से लंबित मांग भी दोहराई।

बैठक में आंगनबाड़ी सेविकाओं, आशा कार्यकर्ताओं, मिड-डे मील कर्मियों तथा अन्य विभिन्न स्कीम वर्कर्स के नियमितीकरण की मांग पर भी जोर दिया गया। कार्यसमिति ने श्रम संहिताओं में इन श्रमिकों को शामिल करने के लिए प्रस्ताव पारित करते हुए कहा कि देशभर के लाखों स्कीम वर्कर्स और संविदा कर्मियों को सम्मानजनक सेवा शर्तें, सामाजिक सुरक्षा और श्रमिक अधिकार उपलब्ध कराना समय की आवश्यकता है।

संविदा श्रमिकों की समस्याओं पर विशेष चर्चा करते हुए भारतीय मजदूर संघ ने कहा कि संविदा व्यवस्था की आड़ में श्रमिकों का शोषण किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है। संगठन ने दोहराया कि वह संविदा श्रमिकों के अधिकारों, सम्मान और सामाजिक सुरक्षा की रक्षा के लिए निरंतर संघर्ष करता रहेगा।

बैठक में अंतरराष्ट्रीय श्रमिक संगठनों से जुड़े विषयों पर भी चर्चा हुई। इस दौरान अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन (आईएलओ), ब्रिक्स श्रमिक संगठनों तथा अन्य वैश्विक मंचों पर भारतीय मजदूर संघ की भागीदारी और गतिविधियों का ब्यौरा प्रस्तुत किया गया। संगठन ने दावा किया कि श्रमिक हितों के विभिन्न मुद्दों पर भारतीय मजदूर संघ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी प्रभावी भूमिका निभा रहा है।

समापन सत्र में आयोजन को सफल बनाने में उल्लेखनीय योगदान देने वाले भारतीय मजदूर संघ, झारखंड प्रदेश के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं को सम्मानित किया गया। साथ ही आयोजन में सहयोग के लिए सरला बिरला विश्वविद्यालय प्रबंधन का आभार व्यक्त किया गया।

कार्यक्रम के सफल आयोजन में झारखंड प्रदेश के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं की सक्रिय भूमिका की सराहना की गई। विशेष रूप से बलिराम यादव, राजीव रंजन सिंह, चंदन कुमार प्रसाद, सुनील कुमार, संतोष कुमार साहू, अंगद उपाध्याय, शिव कुमार सिंह, मुरारी तांती, रामशंकर प्रसाद, सुनील पांडेय, रविंद्र मिश्रा, दिलीप कुमार, विक्रम सिंह, सुबोध कुमार यादव, अवधेश राय, नीरज तिवारी, मनोज रजक, बृजकिशोर राम तथा प्रभात रंजन के योगदान का उल्लेख किया गया।

बैठक के समापन पर भारतीय मजदूर संघ ने विश्वास व्यक्त किया कि कार्यसमिति में लिए गए निर्णय श्रमिकों के अधिकारों की रक्षा, सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करने तथा देश के श्रम क्षेत्र में सकारात्मक और श्रमिक हितैषी बदलाव लाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होंगे।

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हिन्दुस्थान समाचार / विकाश कुमार पांडे

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