संवैधानिक संस्थाओं की विश्वसनीयता को कमजोर करने का कुत्सित प्रयास कर रही सपा व कांग्रेस : जेपी नड्डा
लखनऊ, 03 नवंबर (हि.स.)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने मंगलवार को बरेली में ‘लोकतंत्र बचाओ-अराजकता हटाओ’ अभियान के तहत पदयात्रा निकाली, जिसका नेतृत्व भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा, केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी और उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने किया।
इस मौके पर केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने विपक्षी दलों, विशेषकर कांग्रेस और समाजवादी पार्टी (सपा) पर तल्ख टिप्पणी की। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ गैर-जिम्मेदार राजनीतिक दल चुनाव आयोग जैसी संवैधानिक संस्थाओं की साख और जनता के विश्वास को कमजोर करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारत को ‘प्रजातंत्र की जननी’ कहा जाता है। देश के निर्वाचन आयोग और उच्चतम न्यायालय ने दुनिया में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है, लेकिन विपक्ष अपनी विफलताओं को छिपाने के लिए इन संस्थाओं पर सवाल उठा रहा है।
विपक्षी दलों के नेताओं पर नड्डा ने आरोप लगाया कि इंडी गठबंधन के तीन प्रमुख नेताओं के नाम दंगों से जुड़े मामलों में सामने आए हैं। उन्होंने दावा किया कि इस सूची में सबसे ऊपर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव का नाम है और उनके शासनकाल में मुजफ्फरनगर, बरेली, मथुरा, प्रतापगढ़, मेरठ, प्रयागराज और लखनऊ में दंगे हुए। उन्होंने ममता बनर्जी पर मुर्शिदाबाद और तेजस्वी यादव पर बिहारशरीफ में दंगे भड़काने का आरोप लगाया। नड्डा ने तंज कसते हुए कहा कि ममता बनर्जी और महबूबा मुफ्ती जैसे नेता अपनी विधानसभा सीट तक हार चुके हैं।
रामलीला मैदान में एक नवंबर को विपक्षी दलों की एकजुटता पर टिप्पणी करते हुए नड्डा ने कहा कि जो लोग जनता को लोकतंत्र का पाठ पढ़ा रहे हैं, उनके अपने दामन दागदार हैं। उन्होंने दावा किया कि गठबंधन के चार बड़े नेता राहुल गांधी, सोनिया गांधी, तेजस्वी यादव और फारूक अब्दुल्ला जमानत पर बाहर हैं। इसके अलावा राहुल गांधी, अखिलेश यादव, ममता बनर्जी, तेजस्वी यादव, मल्लिकार्जुन खरगे, अशोक गहलोत और महबूबा मुफ्ती समेत गठबंधन के 13 प्रमुख नेताओं पर भ्रष्टाचार के गंभीर मामले चल रहे हैं।
विपक्ष की ओर से लोकतंत्र की दुहाई दिए जाने पर नड्डा ने कांग्रेस के इतिहास का उल्लेख किया। उन्होंने आरोप लगाया कि इंदिरा गांधी ने 50 बार राज्य सरकारों को गिराया। उन्होंने कहा कि उनकी दादी ने आपातकाल के दौरान 22 महीने तक बिना अपील और दलील के 1.30 लाख लोगों को जेल में डाल दिया था। नड्डा ने दावा किया कि अंग्रेजों ने भी स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान इतनी बड़ी संख्या में लोगों को कैद नहीं किया था।
जेपी नड्डा ने राहुल गांधी की तुलना ऐसे कमजोर छात्र से की, जो परीक्षा में पास होने पर खुद को होशियार बताता है, लेकिन असफल होने पर शिक्षक को बेईमान ठहराता है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी का भी यही रवैया है। चुनाव जीतने पर वे खुद को सफल बताते हैं और हारने पर चुनाव आयोग पर सवाल उठाते हैं।
केंद्रीय मंत्री ने विपक्ष को चुनौती देते हुए कहा कि भारत एक लोकतांत्रिक देश है, जहां सत्ता परिवर्तन का फैसला जनता चुनाव के माध्यम से करती है, न कि ‘रिजीम चेंज’ की बातें करने से।-----------
हिन्दुस्थान समाचार / बृजनंदन

