भगवंत मान सरकार ने दलजीत सिंह की मृत्यु के बाद भी संवेदनशीलता नहीं दिखाईः भाजपा
नई दिल्ली, 28 अक्टूबर (हि.स.)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान पर निशाना साधते हुए दलजीत सिंह की मौत और उनके पार्थिव शरीर के साथ कथित दुर्व्यवहार को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। भाजपा ने आरोप लगाया कि मान सरकार ने दलजीत सिंह को जीवित रहते उचित सम्मान नहीं दिया और उनकी मृत्यु के बाद भी संवेदनशीलता नहीं दिखाई।
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता गौरव भाटिया ने बुधवार को यहां पत्रकार वार्ता में कहा कि दलजीत सिंह के परिवार के अनुसार उनकी मौत नशे की लत के कारण हुई। भाजपा प्रवक्ता ने पंजाब पुलिस की कार्रवाई पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि भगवंत मान के निर्देशों पर कार्रवाई करते हुए पुलिस दलजीत सिंह के पार्थिव शरीर को उनके परिवार से जबरन ले जाती दिखाई दी और उसे सड़क पर घसीटा गया।
भाटिया ने इस घटना को लेकर राज्य सरकार की भूमिका पर सवाल खड़े किए। भाटिया ने अपने बयान में पंजाब के सांस्कृतिक और सामाजिक पहचान से जुड़ी पगड़ी के सम्मान का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि इस पूरे घटनाक्रम में पगड़ी का भी अपमान किया गया। उन्होंने मुख्यमंत्री मान की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए उन्हें गैर-जिम्मेदार बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री मान अपनी जिम्मेदारियों से पीछे हटते हैं।
भाजपा प्रवक्ता भाटिया ने कहा कि पंजाब की जनता ऐसे मुख्यमंत्री को दोबारा चुनने के बारे में विचार करेगी और अपने लोकतांत्रिक अधिकारों के माध्यम से जवाब देगी।
उल्लेखनीय है कि यह सारा विवाद उस समय हुआ जब 35 वर्षीय किसान दलजीत सिंह का परिवार उनके शव के साथ प्रदर्शन कर रहा था। इस दौरान पंजाब पुलिस जबरदस्ती उसके शव को अपने साथ ले गई। परिवार का आरोप है कि दलजीत की मौत ड्रग्स की ओवरडोज़ से हुई है। दलजीत 10 साल से नशे की लत से जूझ रहा था। वहीं, पंजाब पुलिस ने ड्रग्स की ओवरडोज़ वाली बात को खारिज कर दिया है। पुलिस के अनुसार एक कार में सवार चार लोगों ने शव को सड़क किनारे फेंक दिया था। इसलिए इसे हत्या का मामला माना जा रहा है।
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दलजीत सिंह के परिवार के एक सदस्य ने आरोप लगाया कि पुलिस अब इस मामले को हत्या का रूप देने की कोशिश कर रही है।
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हिन्दुस्थान समाचार / सौरव राय

