(अपडेट) प्रधानमंत्री, गृहमंत्री, भाजपा अध्यक्ष ने भाजपा स्थापना दिवस पर दी शुभकामनाएं
नई दिल्ली, 06 अप्रैल (हि.स.)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, केंद्रीय गृह एवं सहकारितामंत्रीअमित शाह और भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन समेत कई नेताओं ने सोमवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के स्थापना दिवस पर देशभर के सभी पार्टी कार्यकर्ताओं को शुभकामनाएं दी।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने एक्स पर कहा, “भाजपा के स्थापना दिवस पर देशभर के सभी भाजपा कार्यकर्ताओं को हार्दिक शुभकामनाएं। हमारी पार्टी हमेशा से 'भारत प्रथम' के सिद्धांत से प्रेरित होकर समाज सेवा में अग्रणी रही है। हमारे कार्यकर्ता निस्वार्थ सेवा, अटूट समर्पण और सुशासन के प्रति गहरी लगन के लिए जाने जाते हैं। भाजपा एक विकसित भारत के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध है। हमारी सामूहिक प्रतिबद्धता इस दृष्टिकोण को आगे बढ़ाती रहे और भारत को प्रगति और समृद्धि की नई ऊंचाइयों पर ले जाए।
अमित शाह ने कहा कि भाजपा ने लोकतंत्र की जड़ों को मजबूत करने के साथ देश को तुष्टीकरण से मुक्त व सुशासन, पारदर्शिता को स्थापित करने का कार्य किया है। आज भाजपा केवल एक पार्टी नहीं बल्कि 140 करोड़ देशवासियों के सपनों और आकांक्षाओं की प्रतिनिधि बन चुकी है।
नितिन नवीन ने कहा कि जनसंघ काल से लेकर आज दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी बनने तक की यह यात्रा असंख्य कार्यकर्ताओं के त्याग, तपस्या और बलिदान की कहानी है। डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी और पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी के 'अंत्योदय' के जिस स्वप्न को लेकर हम चले थे, आज प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में वह धरातल पर साकार हो रहा है।
केन्द्रीय सड़क, परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि कड़ी मेहनत और समर्पित भाव से पार्टी और संगठन को मजबूत कर विशाल वटवृक्ष बनाने वाले सभी महापुरुषों को नमन।
केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याणमंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि आज के इस विशेष दिवस पर उन सभी महान विभूतियों और पितृपुरुषों को कृतज्ञतापूर्वक नमन करता हूँ, जिन्होंने अपने अथक परिश्रम, संघर्ष और त्याग से संगठन को सींचकर इसे राष्ट्रीय राजनीति के शिखर पर पहुंचाया।
केन्द्रीय पर्यटन एवं संस्कृतिमंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में पार्टी ने सेवा, सुशासन और गरीब कल्याण को भारतीय राजनीति का मूल मंत्र बनाया है। जय हो!
केन्द्रीय कपड़ामंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि संघर्ष की धूप में तपकर ही सफलता का स्वर्ण निखरता है। विचार से विस्तार तक और तपस्या से परिवर्तन तक की यह यात्रा आसान नहीं थी लेकिन समर्पण ने हर बाधा को मार्ग बना दिया।
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हिन्दुस्थान समाचार / श्रद्धा द्विवेदी

