बीम्सटेक गृह मंत्रियों की पहली बैठक दिल्ली घोषणा के साथ संपन्न, आतंकवाद और सीमा पार अपराधों से निपटने पर जोर

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नई दिल्ली, 13 अक्टूबर (हि.स.)। बंगाल की खाड़ी क्षेत्र में आतंकवाद, मादक पदार्थों की तस्करी, मानव तस्करी और सीमा पार संगठित अपराधों से निपटने के लिए क्षेत्रीय सहयोग मजबूत करने के संकल्प के साथ बीम्सटेक देशों के गृह मंत्रियों की पहली बैठक मंगलवार को दिल्ली घोषणा को अपनाने के साथ संपन्न हो गई।

केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, दिल्ली में आयोजित इस बैठक में सात सदस्य देशों बांग्लादेश, भूटान, भारत, म्यांमार, नेपाल, श्रीलंका और थाईलैंड ने क्षेत्र को परस्पर जुड़ा, सुरक्षित, संकटों का सामना करने में सक्षम, विकसित और समृद्ध बनाने के लिए सहयोग बढ़ाने की प्रतिबद्धता दोहराई।

दिल्ली घोषणा में आतंकवाद और आतंकवाद को बढ़ावा देने वाले हिंसक उग्रवाद की सभी रूपों में कड़ी निंदा की गई है। इसमें सीमा पार आतंकवाद को भी शामिल करते हुए कहा गया है कि आतंकवाद चाहे कहीं भी हो, कोई भी उसे अंजाम दे और उसका उद्देश्य कुछ भी हो, उससे प्रभावी ढंग से निपटना आवश्यक है। सदस्य देशों ने संयुक्त राष्ट्र चार्टर और अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुरूप आतंकवाद को रोकने, उसका मुकाबला करने और उसे समाप्त करने के लिए व्यापक एवं निरंतर प्रयास करने का संकल्प लिया।

घोषणा में आतंकवादी हमलों के पीड़ितों, उनके परिवारों और प्रभावित देशों की सरकारों के प्रति संवेदना और एकजुटता व्यक्त की गई है। इसमें आतंकवादी गतिविधियों के लिए जिम्मेदार लोगों को संबंधित राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय कानूनों के तहत न्याय के कटघरे में लाने का आह्वान किया गया है। आतंकवाद के वित्तपोषण, कट्टरपंथ और हिंसक उग्रवाद से निपटने के लिए सहयोग बढ़ाने तथा नई प्रौद्योगिकियों के आतंकवादी इस्तेमाल को रोकने पर भी जोर दिया गया है।

सदस्य देशों ने अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद, अंतरराष्ट्रीय संगठित अपराध और मादक पदार्थों की अवैध तस्करी से मुकाबले के लिए बीम्सटेक समझौते को पूरी तरह और प्रभावी ढंग से लागू करने की आवश्यकता रेखांकित की। यह समझौता मार्च 2021 से लागू है। घोषणा में आपराधिक मामलों में पारस्परिक कानूनी सहायता संबंधी बीम्सटेक समझौते के प्रभावी क्रियान्वयन का भी आह्वान किया गया है।

दिल्ली घोषणा में मानव तस्करी, मादक पदार्थों और पूर्ववर्ती रसायनों तथा धनशोधन से संबंधित कार्ययोजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने पर जोर दिया गया है। इसके साथ ही प्रत्यर्पण, दोषसिद्ध व्यक्तियों के स्थानांतरण और मानव तस्करी रोकने से संबंधित समझौतों को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया जल्द पूरी करने की अपील की गई है।

घोषणा में साइबर अपराध, हथियारों की तस्करी, समुद्री डकैती, अवैध प्रवासन और साइबर क्षेत्र के आतंकवादी दुरुपयोग जैसी साझा सुरक्षा चुनौतियों का भी उल्लेख किया गया है। सदस्य देशों ने मानव तस्करी के पीड़ितों को ऑनलाइन धोखाधड़ी और अन्य आपराधिक गतिविधियों में जबरन शामिल किए जाने की समस्या पर चिंता जताई। ऐसे मामलों में पीड़ितों के अधिकारों का सम्मान करते हुए उनके बचाव, पुनर्वास और सुरक्षित वापसी के लिए देशों के बीच सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया गया है।

बैठक में आतंकवाद, मादक पदार्थों की तस्करी, मानव तस्करी, धनशोधन और अन्य सीमा पार अपराधों से निपटने के लिए सदस्य देशों के प्रमुख प्रशिक्षण संस्थानों के माध्यम से क्षमता निर्माण कार्यक्रम चलाने की प्रतिबद्धता भी जताई गई। बीम्सटेक के संबंधित संयुक्त कार्य समूह को दिल्ली घोषणा में शामिल निर्णयों और निर्देशों के क्रियान्वयन की निगरानी करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

घोषणा में बीम्सटेक सचिवालय के प्रयासों की सराहना करते हुए अंतरराष्ट्रीय संगठनों के साथ साझेदारी के अवसर तलाशने का भी आह्वान किया गया है। इनमें संयुक्त राष्ट्र मादक पदार्थ एवं अपराध कार्यालय (यूएनओडीसी), इंटरपोल और वित्तीय कार्रवाई कार्यबल (एफएटीएफ) जैसे संगठन शामिल हैं।

सदस्य देशों ने गृह मंत्रियों की बैठक नियमित रूप से और अधिक बार आयोजित करने तथा भविष्य की बैठकों की मेजबानी करने की प्रतिबद्धता भी जताई। घोषणा में भारत सरकार की ओर से पहली बैठक की मेजबानी, आतिथ्य और आयोजन की व्यवस्थाओं के लिए आभार व्यक्त किया गया।

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हिन्दुस्थान समाचार / सुशील कुमार

Livevns.news Desk
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