मोदी और मैक्रों 14 जून को फ्रांस में करेंगे ‘भारत इनोवेट्स’ का उद्घाटन

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मोदी और मैक्रों 14 जून को फ्रांस में करेंगे ‘भारत इनोवेट्स’ का उद्घाटन


नई दिल्ली, 12 जून (हि.स.)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों 14 जून को फ्रांस के नीस में ‘भारत इनोवेट्स 2026’ का संयुक्त रूप से उद्घाटन करेंगे। शिक्षा मंत्रालय की इस पहल का उद्देश्य भारत के डीप-टेक स्टार्टअप, नवाचार और अनुसंधान क्षमता को वैश्विक निवेशकों तथा उद्योग जगत के सामने प्रस्तुत करना है।

शिक्षा मंत्रालय ने शुक्रवार को बताया कि कार्यक्रम में भारत के 120 नवप्रवर्तक, 15 से अधिक उच्च शिक्षण संस्थान, 500 से अधिक निवेशक, प्रमुख कॉरपोरेट कंपनियां, वेंचर कैपिटल फर्म, वैश्विक मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) और उद्योग जगत के नेता भाग लेंगे। इसमें एडवांस्ड कंप्यूटिंग, सेमीकंडक्टर, अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी, जैव-प्रौद्योगिकी, ऊर्जा, स्वास्थ्य सेवा और विनिर्माण सहित 13 प्रमुख क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

प्रधानमंत्री मोदी के साथ विदेश मंत्री एस. जयशंकर और वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल के भी कार्यक्रम में शामिल होने की संभावना है। भारत सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार प्रो. अजय कुमार सूद भी उपस्थित रहेंगे।

मंत्रालय के अनुसार भारत इनोवेट्स 2026 का पहला संस्करण भारतीय डीप-टेक स्टार्टअप्स और नवाचारों को वैश्विक निवेशकों और उद्योग जगत से जोड़ने का मंच बनेगा। कार्यक्रम के दौरान डीप-टेक, अनुसंधान एवं विकास, स्टार्टअप विस्तार और सीमा-पार निवेश को बढ़ावा देने से जुड़े कई महत्वपूर्ण सहयोगी समझौतों और घोषणाओं की उम्मीद है।

इस आयोजन के माध्यम से भारतीय और फ्रांसीसी नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र के बीच संस्थागत सहयोग, तकनीकी आदान-प्रदान और उभरती प्रौद्योगिकियों के संयुक्त विकास को भी बढ़ावा मिलेगा। कार्यक्रम में निवेश, तकनीकी सत्यापन, सह-विकास परियोजनाओं, विनिर्माण साझेदारी और भारतीय नवाचारों के वैश्विक विस्तार के अवसरों पर भी जोर दिया जाएगा।

उल्लेखनीय है कि भारत इनोवेट्स का आयोजन भारत-फ्रांस नवाचार वर्ष के तहत किया जा रहा है, जिसकी शुरुआत फरवरी 2026 में मुंबई में प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति मैक्रों ने संयुक्त रूप से की थी। यह कार्यक्रम भारत की बढ़ती नवाचार क्षमता और स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र को वैश्विक स्तर पर नई पहचान दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।

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हिन्दुस्थान समाचार / सुशील कुमार

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