(अपडेट) आरएसएस की 100 वर्षों की यात्रा पर बनी फिल्म 'शतक' से दो गीतों का भागवत ने किया लोकार्पण, बोले- संघ और हेडगेवार समानार्थक शब्द

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(अपडेट) आरएसएस की 100 वर्षों की यात्रा पर बनी फिल्म 'शतक' से दो गीतों का भागवत ने किया लोकार्पण, बोले- संघ और हेडगेवार समानार्थक शब्द


नई दिल्ली, 11 जनवरी (हि.स.)। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ मोहन भागवत ने कहा है कि संघ और डॉक्टर साहब (हेडगेवार) समानार्थक शब्द हैं। जैसे-जैसे संघ नए-नए रूपों में सामने आता है, लोगों को लगता है कि संघ बदल रहा है, जबकि वास्तविकता यह है कि संघ बदल नहीं रहा, बल्कि क्रमशः प्रगट हो रहा है। यह प्रक्रिया बीज से पेड़ बनने जैसी है।

डॉ भागवत रविवार को दिल्ली के केशव कुंज, झंडेवालान में आयोजित कार्यक्रम में ‘राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के 100 वर्ष -शतक’ विषय पर आधारित फिल्म के दो गीतों ‘भारत मां के बच्चे’ और ‘भगवा है मेरी पहचान’ के लोकार्पण अवसर पर संबोधित कर रहे थे। इन गीतों को प्रसिद्ध गायक सुखविंदर सिंह ने अपनी आवाज दी है।

सरसंघचालक ने कहा कि डॉक्टर साहब का जीवन ही संघ का विचार, संघ की भावना और संघ का संपूर्ण दर्शन है। उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के संस्थापक डॉ केशव बलिराम हेडगेवार के जीवन का उल्लेख करते हुए कहा कि उनका व्यक्तित्व मनोवैज्ञानिक अध्ययन का विषय है। भागवत ने कहा कि जब डॉ हेडगेवार के माता-पिता एक ही दिन, मात्र एक घंटे के अंतराल में दुनिया से चल बसे, उस समय उनकी उम्र केवल 11 वर्ष थी। इतनी कम आयु में इतना बड़ा आघात किसी भी व्यक्ति को तोड़ सकता है, लेकिन इसका उनके व्यक्तित्व पर विपरीत प्रभाव नहीं पड़ा।

उन्होंने कहा कि डॉ हेडगेवार जन्मजात देशभक्त थे और बड़े से बड़े आघात को आत्मसात कर अपने मन को विचलित न होने देना उनके मजबूत और स्वस्थ मन का प्रमाण है। यही मानसिक दृढ़ता आगे चलकर संघ विचार की नींव बनी।

कार्यक्रम में फिल्म के निर्माता वीर कपूर, निर्देशक आशीष मल, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय कार्यकारिणी सदस्य सुरेश (भय्याजी) जोशी तथा गायक सुखविंदर सिंह सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

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हिन्दुस्थान समाचार / प्रशांत शेखर

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