योग मानसिक स्वास्थ्य के लिए पथप्रदर्शक : राज्यपाल थावरचंद गहलोत

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योग मानसिक स्वास्थ्य के लिए पथप्रदर्शक : राज्यपाल थावरचंद गहलोत


योग मानसिक स्वास्थ्य के लिए पथप्रदर्शक : राज्यपाल थावरचंद गहलोत


बेंगलुरु, 21 जून (हि.स.)। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने कहा कि योग मानव के शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य के लिए पथप्रदर्शक है और इसे जीवन का अभिन्न अंग बनाया जाना चाहिए।

विधान सौधा के समक्ष ग्रैंड स्टेप्स पर राज्य आयुष विभाग द्वारा आयोजित 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर राज्यपाल ने कहा कि हजारों वर्षों पुरानी योग परंपरा मानव स्वास्थ्य और सुखमय जीवन का मार्गदर्शन करती रही है। मन और शरीर के संतुलन एवं एकता के लिए योग अत्यंत महत्वपूर्ण है। आज की प्रतिस्पर्धी दुनिया में बढ़ते मानसिक तनाव और विभिन्न स्वास्थ्य समस्याओं के समाधान के लिए योग एक प्रभावी माध्यम है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों से 12 वर्ष पूर्व अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की शुरुआत हुई और आज योग को विश्वभर में विशेष पहचान एवं सम्मान प्राप्त हुआ है। युवाओं को प्रतिदिन योगाभ्यास के लिए समय निकालना चाहिए और इसे स्वस्थ जीवनशैली का हिस्सा बनाना चाहिए।

राज्यपाल ने कहा कि ‘अच्छे स्वास्थ्य के लिए योग’ के संदेश के साथ योग दिवस मनाया जा रहा है। योग को केवल एक दिन के आयोजन तक सीमित नहीं रखना चाहिए, बल्कि इसे दैनिक जीवन का हिस्सा बनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि कर्नाटक सरकार योग के प्रचार-प्रसार और जनजागरण के लिए विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन कर रही है।

इस बीच, मंड्या में आयोजित योग दिवस कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री एचडी कुमारस्वामी ने कहा कि शारीरिक स्वास्थ्य और मानसिक शांति प्रदान करने वाला योग प्राचीन भारत की महान देन है। वर्तमान विश्व में स्वास्थ्य और मानसिक संतुलन बनाए रखने का सबसे प्रभावी मार्ग योग ही है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व और अथक प्रयासों के कारण योग को वैश्विक मान्यता मिली है। आज देश-विदेश में लाखों लोग योग का अभ्यास कर रहे हैं। संयुक्त राष्ट्र द्वारा 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस घोषित किया जाना भारतीय संस्कृति और प्राचीन परंपरा को मिला एक महत्वपूर्ण वैश्विक सम्मान है।

कुमारस्वामी ने सभी नागरिकों से योग को अपनी दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बनाने का आह्वान करते हुए कहा कि स्वस्थ शरीर और शांत मन के लिए योग को जीवनशैली के रूप में अपनाने का संकल्प लेना चाहिए।

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हिन्दुस्थान समाचार / राकेश एम.बी.

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