'देश का युवा अराजकता का औजार नहीं, राष्ट्र निर्माता है'- बांसुरी स्वराज

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'देश का युवा अराजकता का औजार नहीं, राष्ट्र निर्माता है'- बांसुरी स्वराज


नई दिल्ली, 22 जुलाई (हि.स.)। भारतीय जनता पार्टी की सांसद बांसुरी स्वराज ने कॉकरोच जनता पार्टी के आंदोलन को लेकर कहा कि सरकार ने पूरे आंदोलन के दौरान संवेदनशील रवैया अपनाया और शांतिपूर्ण प्रदर्शन में कोई दखल नहीं दिया। देश में सरकार के खिलाफ भ्रम फैलाने की कोशिश की जा रही है । उन्होंने कहा कि देश का युवा अराजकता का औजार नहीं, बल्कि भारत का राष्ट्र निर्माता है।

बुधवार भाजपा मुख्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में बांसुरी स्वराज ने कहा कि आंदोलन के संयोजक अभिजीत दिपके को दिल्ली पुलिस ने एयरपोर्ट पर ही प्रदर्शन की अनुमति दी थी, जिसके बाद प्रदर्शनकारी 21 दिनों तक जंतर-मंतर पर धरने पर बैठे रहे। जब तक प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा, उन्हें नहीं हटाया गया।

बांसुरी स्वराज ने कहा कि 20 जुलाई को प्रदर्शनकारियों ने 'संसद चलो' का आह्वान किया और बिना अनुमति संसद की घेराबंदी की कोशिश की। इसके बावजूद दिल्ली पुलिस ने संयम बरता और स्थिति को संभालने का प्रयास किया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में संसद जैसी संस्थाओं का सम्मान सर्वोपरि है।

बीजेपी सांसद ने दावा किया कि केंद्र सरकार शुरू से ही प्रदर्शनकारियों से बातचीत के लिए तैयार थी। उन्होंने बताया कि जब प्रदर्शनकारी केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा से मिलने पहुंचे, तब उनके पास मांगों की कोई लिखित सूची नहीं थी। नड्डा ने उन्हें अपनी मांगें लिखित में देने को कहा, जिसके बाद सूची तैयार करने में करीब ढाई घंटे लगे। उन्होंने कहा कि सरकार ने बैठक में स्पष्ट किया था कि बातचीत के जरिए समाधान निकालने की पूरी कोशिश की जाएगी और प्रदर्शन समाप्त करने की भी अपील की गई थी। प्रदर्शनकारियों ने उस समय आंदोलन खत्म करने का आश्वासन दिया था, लेकिन बाद में अपने वादे से पीछे हट गए।

बांसुरी स्वराज ने आंदोलन के दौरान भ्रामक दावे किए जाने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कई ऐसे आरोप लगाए गए जिनका वास्तविकता से कोई संबंध नहीं था। 12 साल की एक बच्ची के घायल होने के दावे को भी उन्होंने गलत बताया और कहा कि इस तरह की खबरों के जरिए भ्रम फैलाने की कोशिश की गई।

उन्होंने कहा कि पिछले तीन महीनों में एनटीए ने जेईई, सीयूईटी और नीट जैसी तीन राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाएं सफलतापूर्वक आयोजित कराई हैं। इसलिए यह कहना कि देश की शिक्षा व्यवस्था, विशेषकर परीक्षा प्रणाली पूरी तरह ध्वस्त हो गई है, सरासर झूठ और भ्रम फैलाने की कोशिश है।

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हिन्दुस्थान समाचार / विजयालक्ष्मी

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