चित्रकूट में बनेगा बचपन डे केयर सेंटर, योगी सरकार ने जारी की 3 करोड़ रुपये की पहली किश्त
बचपन डे केयर सेंटर के भवन निर्माण को मिली प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति
दिव्यांग बच्चों के विकास और पुनर्वास को मिलेगी नई सुविधा
कुल 5 करोड़ 62 लाख 82 हजार रुपये की लागत से होगा सेंटर का निर्माण
तकनीकी स्वीकृति के बाद शुरू होगा निर्माण, गुणवत्ता और मानकों पर रहेगा जोर
लखनऊ, 8 अक्टूबर। दिव्यांगजनों के कल्याण, विकास और सुगम पुनर्वास की दिशा में योगी सरकार ने एक और महत्वपूर्ण पहल की है। प्रदेश सरकार के दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग ने चित्रकूट जनपद में बचपन डे केयर सेंटर के भवन निर्माण के लिए प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति प्रदान कर दी है। इस परियोजना की कुल लागत
5 करोड़ 62 लाख 82 हजार रुपये निर्धारित की गई है, जिसके सापेक्ष वित्तीय वर्ष 2026-27 में निर्माण कार्य शुरू करने के लिए 3 करोड़ रुपये की प्रथम किश्त अवमुक्त कर दी गई है।
दिव्यांग बच्चों के विकास और पुनर्वास को मिलेगी बेहतर आधारभूत सुविधा
योगी सरकार लगातार दिव्यांगजनों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने और उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए योजनाओं को धरातल पर उतार रही है। चित्रकूट में बचपन डे केयर सेंटर की स्थापना इसी दिशा में उठाया गया महत्वपूर्ण कदम है। इससे दिव्यांग बच्चों के कल्याण, विकास, देखभाल और सुगम पुनर्वास के लिए बेहतर आधारभूत सुविधाएं विकसित होने की उम्मीद है।
5.62 करोड़ रुपये की लागत से बनेगा बचपन डे केयर सेंटर
मूल्यांकन समिति की संस्तुति के आधार पर सेंटर के भवन निर्माण की कुल परियोजना लागत 562.82 लाख रुपये (5.62 करोड़ रुपये से अधिक) निर्धारित की गई है। शासन की ओर से जारी स्वीकृति के अनुसार निर्माण कार्य सक्षम स्तर से तकनीकी स्वीकृति प्राप्त होने के बाद ही प्रारंभ किया जाएगा। निर्माण के दौरान निर्धारित गुणवत्ता, मानकों और विशिष्टियों का पूरी तरह पालन सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग और कार्यदायी संस्था की होगी।
सभी जरूरी अनापत्तियों के बाद ही शुरू होगा सेंटर का निर्माण
सरकार ने निर्माण कार्य शुरू करने से पहले सभी आवश्यक वैधानिक अनापत्तियां और पर्यावरणीय क्लियरेंस प्राप्त करना भी अनिवार्य किया है। इससे परियोजना को निर्धारित नियमों और मानकों के अनुरूप पूरा करने में मदद मिलेगी।
इस संबंध में उत्तर प्रदेश शासन के संयुक्त सचिव राकेश कुमार यादव ने निदेशक, दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग, उत्तर प्रदेश को आधिकारिक स्वीकृति पत्र जारी कर दिया है। शासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि स्वीकृत धनराशि का आहरण और व्यय आवश्यकता के अनुसार किश्तों में तथा निर्धारित वित्तीय नियमों के अनुरूप किया जाएगा।

