प्रचलित घरेलू उपचार, लोक चिकित्सा और पारंपरिक पशु चिकित्सा से जुड़ी जानकारियों को एकत्र करेगा आयुष मंत्रालय

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प्रचलित घरेलू उपचार, लोक चिकित्सा और पारंपरिक पशु चिकित्सा से जुड़ी जानकारियों को एकत्र करेगा आयुष मंत्रालय


नई दिल्ली, 06 अगस्त (हि.स.)। आयुष मंत्रालय देश के अलग-अलग हिस्सों में प्रचलित घरेलू उपचार, लोक चिकित्सा और पारंपरिक पशु चिकित्सा से जुड़ी जानकारियों को एकत्र करेगा। इसके बाद इनका वैज्ञानिक तरीके से अध्ययन और परीक्षण किया जाएगा, ताकि उपयोगी जानकारी को सुरक्षित रखा जा सके और लोगों तक पहुंचाया जा सके। गुरुवार को केंद्रीय आयुष राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) प्रतापराव जाधव ने गुरुवार को नई दिल्ली में केंद्रीय आयुर्वेदिक विज्ञान अनुसंधान परिषद (सीसीआरएएस ) की 27वीं गवर्निंग बॉडी की बैठक की अध्यक्षता करते हुए परंपरा योजना की शुरुआत की।

इसके अलावा सीसीआरएएस नेशनल रिसर्च रिकॉग्निशन पोर्टल लॉन्च किया गया। यह एक ऑनलाइन मंच है, जहां आयुर्वेद में शोध करने वाले विद्यार्थियों और वैज्ञानिकों के अच्छे शोध कार्यों को पहचान और सम्मान मिलेगा। साथ ही ‘आयुर-डिक्ट’ नाम का एंड्रॉयड मोबाइल ऐप भी शुरू किया गया है। इस ऐप में कई आयुर्वेदिक शब्दकोश एक ही जगह उपलब्ध होंगे, जिससे छात्रों, डॉक्टरों और शोधकर्ताओं को जानकारी खोजने में आसानी होगी।

इस अवसर पर आयुष मंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पुणे स्थित क्षेत्रीय आयुर्वेद अनुसंधान संस्थान में नए एनिमल हाउस और रानीखेत स्थित संस्थान के स्टाफ क्वार्टर का वर्चुअल उद्घाटन किया। वहीं, नागपुर में बनने वाले 50 बिस्तरों के नए आयुर्वेद अस्पताल का भूमि पूजन भी किया।

बैठक को संबोधित करते हुए प्रतापराव जाधव ने कहा कि आयुर्वेद का भविष्य तकनीक, वैज्ञानिक शोध और नवाचार में है। उन्होंने कहा कि भारत के पारंपरिक ज्ञान को आधुनिक विज्ञान के साथ जोड़कर आयुर्वेद को दुनिया में मजबूत पहचान दिलाई जा सकती है। उन्होंने शोध कार्यों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के इस्तेमाल, अंतरराष्ट्रीय सहयोग बढ़ाने और आयुर्वेद को अधिक वैज्ञानिक बनाने पर जोर दिया।

मंत्री ने कहा कि देश के युवा शोधकर्ता, स्टार्टअप और उद्यमी आयुर्वेद को प्रयोगशाला से बाजार तक पहुंचाने में बड़ी भूमिका निभा सकते हैं। इसके लिए उन्होंने यूथ रिसर्च फंड, आयुर्वेद स्टार्टअप एक्सेलेरेटर और ग्लोबल आयुर्वेद चैलेंज जैसी पहल शुरू करने का सुझाव दिया।

बैठक में आयुष मंत्रालय के सचिव वैद्य राजेश कोटेचा, सीसीआरएएस के महानिदेशक प्रो. (वैद्य) रबिनारायण आचार्य, गवर्निंग बॉडी के सदस्य, मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी और परिषद के वैज्ञानिक मौजूद रहे।

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हिन्दुस्थान समाचार / विजयालक्ष्मी

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