आतिशी वीडियो और एफआईआर मामले में पंजाब के अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह) को 12 फरवरी तक जवाब देने का निर्देश

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आतिशी वीडियो और एफआईआर मामले में पंजाब के अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह) को 12 फरवरी तक जवाब देने का निर्देश


नई दिल्ली, 05 फ़रवरी (हि.स.)। आतिशी के वीडियो की जांच और एफआईआर के मामले में दिल्ली विधानसभा की विशेषाधिकार समिति ने पंजाब के अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह) को पंजाब पुलिस की कार्रवाई के मामले में 12 फरवरी तक लिखित जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। इसके अतिरिक्त, पंजाब के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) तथा जालंधर के पुलिस आयुक्त से भी लिखित जवाब मांगा गया है। यह कार्रवाई दिल्ली विधानसभा सचिवालय द्वारा मांगी गई सूचनाओं एवं दस्तावेजों को उपलब्ध न कराए जाने तथा पंजाब पुलिस अधिकारियों के आचरण से संबंधित है। यह जानकारी गुरुवार को दिल्ली विधानसभा के जरिए एक विज्ञप्ति में दी गई।

विज्ञप्ति के मुताबिक विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने मामले की गंभीरता को देखते हुए बुधवार को इस पूरे प्रकरण की जांच विशेषाधिकार समिति को सौंप दी थी।

यह कार्रवाई 2 फरवरी को दिल्ली सरकार के कैबिनेट मंत्री कपिल मिश्रा द्वारा प्रस्तुत शिकायत तथा 4 फरवरी को समिति के समक्ष रखे गए नोट के आधार पर की गई है। पंजाब पुलिस अधिकारियों द्वारा दिए गए उत्तरों एवं दिल्ली विधानसभा सचिवालय के मांगे गए दस्तावेज उपलब्ध न कराए जाने की समीक्षा के उपरांत मामले को जांच एवं प्रतिवेदन के लिए विशेषाधिकार समिति को सौंप दिया गया है।

यह प्रकरण 6 जनवरी को दिल्ली विधानसभा के सदन में दिए गए वक्तव्यों के संबंध में पंजाब पुलिस की कार्रवाई से जुड़ा है। यह मामला एक निजी व्यक्ति की शिकायत पर दर्ज प्राथमिकी (एफआईआर) तथा पंजाब पुलिस द्वारा विधानसभा की कार्यवाही के एक वीडियो क्लिप के छेड़छाड़ (एडिटेड या डॉक्टर्ड) किए जाने संबंधी सार्वजनिक बयानों के बाद उत्पन्न हुआ। उल्लेखनीय है कि यह विषय सदन की विशेषाधिकार प्राप्त कार्यवाही से प्रत्यक्ष रूप से संबंधित है।

पंजाब पुलिस अधिकारियों से प्राप्त उत्तरों एवं सचिवालय के समक्ष रखी गई सामग्री की जांच के बाद दिल्ली विधानसभा के अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने यह निष्कर्ष निकाला है कि प्रथम दृष्टया विशेषाधिकार उल्लंघन एवं अवमानना का मामला बनता प्रतीत होता है। अतः इस विषय को परीक्षण एवं प्रतिवेदन के लिए दिल्ली विधानसभा की विशेषाधिकार समिति को सौंप दिया गया है।

विशेषाधिकार समिति को संबंधित अधिकारियों तथा इस प्रकरण में संलिप्त पाए जाने वाले अन्य व्यक्तियों के आचरण की जांच कर नियमावली के अनुसार सदन के समक्ष अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / धीरेन्द्र यादव

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