रुनीखाता हिंसा के बाद चिरांग एवं कोकराझार में इंटरनेट सेवा निलंबित

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रुनीखाता हिंसा के बाद चिरांग एवं कोकराझार में इंटरनेट सेवा निलंबित


कोकराझार (असम), 17 अप्रैल (हि.स.)। असम सरकार ने चिरांग जिले के रुनीखाता में फैंली हिंसा के बाद चिरांग और कोकराझार जिलों में बिगड़ती कानून-व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए मोबाइल इंटरनेट सेवाओं को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह निर्णय 16 अप्रैल की देर रात और शुक्रवार सुबह चिरांग जिले के रुनीखाता क्षेत्र में हुई हिंसक झड़पों के बाद लिया गया है।

सरकारी अधिसूचना के अनुसार, वन विभाग द्वारा चलाए गए निष्कासन अभियान के दौरान 25 आदिवासी व्यक्तियों को हिरासत में लिए जाने के बाद लोगों में आक्रोश फैल गया। स्थिति उस समय और गंभीर हो गई जब प्रदर्शनकारियों और वन कर्मियों के बीच टकराव हुआ। इसमें सरकारी वाहनों को आग के हवाले कर दिया गया और रेंज अधिकारी के कार्यालय को भी जलाने का प्रयास किया गया। कुछ स्थानों पर फायरिंग की घटनाएं भी सामने आई हैं।

सरकार ने आशंका जताई है कि इस घटना के चलते सार्वजनिक शांति भंग हो सकती है और अफवाहों के प्रसार से स्थिति और अधिक गंभीर हो सकती है। विशेष रूप से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स जैसे व्हाट्सएप, फेसबुक, एक्स, यूट्यूब और इंस्टाग्राम के माध्यम से भड़काऊ संदेशों के प्रसार की संभावना को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया गया है।

अधिसूचना में स्पष्ट किया गया है कि इंटरनेट और मोबाइल डेटा सेवाएं अगली सूचना तक बंद रहेंगी, जबकि वॉयस कॉल और फिक्स्ड लाइन ब्रॉडबैंड सेवाएं सामान्य रूप से चालू रहेंगी।

सरकार ने यह भी चेतावनी दी है कि आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नियमाें के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है, साथ ही स्थिति पर कड़ी नजर रखी जा रही है ताकि जल्द से जल्द सामान्य स्थिति बहाल की जा सके।

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हिन्दुस्थान समाचार / किशोर मिश्रा

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