गुवाहाटी में एनसीसी के संयुक्त राज्य प्रतिनिधि एवं अतिरिक्त महानिदेशक सम्मेलन का आयोजन

WhatsApp Channel Join Now
गुवाहाटी में एनसीसी के संयुक्त राज्य प्रतिनिधि एवं अतिरिक्त महानिदेशक सम्मेलन का आयोजन


-एनसीसी में तीन लाख नए कैडेट होंगे शामिल

- पूर्वोत्तर में आधुनिक प्रशिक्षण अकादमियां बनाने पर जोर

गुवाहाटी, 15 अक्टूबर (हि.स.)। नेशनल कैडेट कोर (एनसीसी) के पूर्वोत्तर क्षेत्र निदेशालय के तत्वावधान में गुरुवार को गुवाहाटी में ‘संयुक्त राज्य प्रतिनिधि एवं अतिरिक्त महानिदेशक सम्मेलन 2026’ का आयोजन किया गया। केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने सम्मेलन की अध्यक्षता की। इसमें पूर्वोत्तर राज्यों के प्रतिनिधियों के साथ-साथ रक्षा मंत्रालय और एनसीसी के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया।

अपने संबोधन में रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने सम्मेलन में हुई सक्रिय भागीदारी और रचनात्मक चर्चाओं की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह सम्मेलन राज्यों से जुड़े विशिष्ट मुद्दों पर विचार-विमर्श करने और पश्चिम बंगाल, सिक्किम तथा पूर्वोत्तर राज्यों वाले रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण क्षेत्र में एनसीसी को और मजबूत बनाने के उपाय तलाशने का उपयोगी मंच साबित हुआ है।

एनसीसी के विस्तार को सरकार की प्रमुख प्राथमिकताओं में से एक बताते हुए मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में देशभर में एनसीसी का विस्तार करने की महत्वाकांक्षी योजना शुरू की गई है। इस योजना के तहत तीन लाख अतिरिक्त कैडेटों को शामिल करने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने प्रधानमंत्री के इस कथन का उल्लेख किया कि “एनसीसी एक ऐसा आंदोलन है, जो भारत की युवा शक्ति को सशक्त बनाता है, युवाओं को आत्मविश्वासी और अनुशासित बनाता है तथा उन्हें राष्ट्र के प्रति समर्पित करता है।”

संजय सेठ ने राज्य सरकारों से इस विस्तार अभियान में सक्रिय सहयोग देने का आग्रह किया, ताकि इसका लाभ विशेष रूप से उन क्षेत्रों के युवाओं तक पहुंच सके, जहां एनसीसी की मांग अधिक है। उन्होंने कहा कि इस पहल का उद्देश्य युवाओं में चरित्र निर्माण, नेतृत्व क्षमता और राष्ट्र निर्माण की भावना को बढ़ावा देना है।

एनसीसी के प्रभावी संचालन और विस्तार के लिए राज्यों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए मंत्री संजय सेठ ने इसे साझा जिम्मेदारी करार दिया। उन्होंने राज्य सरकारों से नागरिक जनशक्ति से जुड़ी आवश्यकताओं को शीघ्र पूरा करने और प्रशासनिक व्यवस्थाओं को मजबूत बनाने की अपील की। इस क्रम में उन्होंने राज्यों में ‘एडीजी एनसीसी निदेशालय’ को ‘विभाग प्रमुख’ का उपयुक्त संस्थागत दर्जा देने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।

बजटीय और वित्तीय सहायता के मुद्दे पर चर्चा करते हुए रक्षा राज्य मंत्री ने विशेष रूप से पश्चिम बंगाल का उल्लेख किया। उन्होंने विश्वास जताया कि राज्य सरकार एनसीसी के बढ़ते दायरे को ध्यान में रखते हुए आवश्यक वित्तीय और प्रशासनिक सहयोग उपलब्ध कराएगी। उन्होंने कहा कि एनसीसी में किया जाने वाला निवेश वास्तव में देश के युवाओं और भविष्य में किया गया निवेश है।

प्रशिक्षण सुविधाओं को बेहतर बनाने पर जोर देते हुए मंत्री संजय सेठ ने स्थायी और आधुनिक एनसीसी प्रशिक्षण अकादमियों की स्थापना को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने विशेष रूप से पूर्वोत्तर क्षेत्र और भौगोलिक रूप से दुर्गम इलाकों में ऐसी सुविधाओं के विकास की आवश्यकता रेखांकित की। उनके अनुसार, इन अकादमियों से कैडेटों को साहसिक गतिविधियों, नेतृत्व विकास, शारीरिक फिटनेस और कौशल संवर्धन के बेहतर अवसर मिलेंगे। उन्होंने राज्य सरकारों और एनसीसी निदेशालयों से इन सुविधाओं को जल्द विकसित करने के लिए मिलकर काम करने का आह्वान किया।

इसके अलावा, मंत्री ने वैकल्पिक और क्रेडिट-आधारित पाठ्यक्रमों के माध्यम से एनसीसी को शिक्षा प्रणाली में शामिल करने की पहल को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि इससे एनसीसी को मुख्य शैक्षणिक ढांचे का हिस्सा बनाने में मदद मिलेगी। उन्होंने राज्य सरकारों और शिक्षण संस्थानों से इस पहल को आगे बढ़ाने तथा इसके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए आवश्यक कदम उठाने का आग्रह किया।

इस सम्मेलन में राज्य सरकारों की ओर से असम के खेल एवं युवा कल्याण मंत्री बिस्वजीत दैमारी, अरुणाचल प्रदेश के शिक्षा मंत्री पासांग दोरजी सोना और त्रिपुरा के उच्च शिक्षा मंत्री किशोर बर्मन शामिल हुए। इनके अलावा असम सरकार के अतिरिक्त मुख्य सचिव बी. कल्याण चक्रवर्ती, मणिपुर सरकार के शिक्षा विभाग के अतिरिक्त सचिव के. बोनो सिंह, असम के खेल एवं युवा कल्याण विभाग के निदेशक अंकुर भराली, मिजोरम सरकार के खेल एवं युवा संसाधन विभाग की उप सचिव पी. मैरिलिन आर. तथा नगालैंड सरकार के युवा संसाधन एवं खेल विभाग के अतिरिक्त निदेशक एल. लिबेमो जामी भी सम्मेलन में उपस्थित रहे।

सम्मेलन में एनसीसी के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल वीरेंद्र वत्स के साथ पूर्वोत्तर क्षेत्र तथा पश्चिम बंगाल और सिक्किम निदेशालयों के अतिरिक्त महानिदेशक, रक्षा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी और अन्य वरिष्ठ प्रतिनिधि भी शामिल हुए। रक्षा मंत्रालय की ओर से अतिरिक्त सचिव दीप्ति मोहिल चावला और संयुक्त सचिव (वित्त एवं एएफ) जितेंद्र कुमार मेहान ने भाग लिया।---------

हिन्दुस्थान समाचार / अरविन्द राय

Livevns.news Desk
Livevns.news Desk

761595 Articles

Share this story