कांग्रेस का हिमंता की पत्नी पर तीन देशों के पासपोर्ट रखने और विदेशों में संपत्ति छिपाने का आरोप

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कांग्रेस का हिमंता की पत्नी पर तीन देशों के पासपोर्ट रखने और विदेशों में संपत्ति छिपाने का आरोप


नई दिल्ली, 05 अप्रैल (हि.स.)। असम विधानसभा चुनाव की सरगर्मी के बीच कांग्रेस ने मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा की पत्नी रिंकी भुइयां सरमा के पास तीन अलग-अलग देशों के पासपोर्ट होने का दावा किया है। पार्टी ने असम के मुख्यमंत्री की पत्नी के पास विदेशों में संपत्तियां होने और इनका विवरण चुनावी हलफनामे में नहीं देने का आरोप भी लगाया है।

कांग्रेस मीडिया विभाग के अध्यक्ष पवन खेड़ा ने रविवार को यहां पार्टी मुख्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में कथित दस्तावेजों की फोटोकॉपी दिखाते हुए कहा कि रिंकी भुइयां सरमा के पास संयुक्त अरब अमीरात, एंटीगुआ-बारबुडा और मिस्र के पासपोर्ट हैं। यूएई का पासपोर्ट 14 मार्च 2022 को जारी हुआ और 13 मार्च 2027 तक वैध है, एंटीगुआ-बारबुडा का पासपोर्ट 26 अगस्त 2021 को जारी हुआ और 25 अगस्त 2031 तक वैध है, जबकि मिस्र का पासपोर्ट 13 फरवरी 2022 को जारी हुआ और 12 फरवरी 2029 तक वैध है। भारत में दोहरी नागरिकता की अनुमति नहीं है, ऐसे में यह मामला गंभीर जांच का विषय बनता है।

पवन खेड़ा ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री की राजनीति एक ओर जहां धार्मिक ध्रुवीकरण पर आधारित बताई जाती है, वहीं दूसरी ओर उनकी पत्नी के पास कथित तौर पर विदेशी पासपोर्ट होना कई सवाल खड़े करता है। इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए, जिससे कि सच्चाई सामने आ सके।

पवन खेड़ा ने दावा किया कि रिंकी भुइयां सरमा के नाम पर दुबई में दो संपत्तियां हैं, जिनका पूरा रिकॉर्ड उपलब्ध है, लेकिन मुख्यमंत्री के चुनावी हलफनामे में इनका कोई उल्लेख नहीं किया गया। चुनाव लड़ने वाले किसी भी उम्मीदवार के लिए यह अनिवार्य है कि वह अपनी और अपने परिवार की चल-अचल संपत्तियों का पूरा ब्योरा हलफनामे में दे। ऐसे में इन संपत्तियों का जिक्र न होना गंभीर सवाल खड़े करता है।

खेड़ा ने कहा कि अमेरिका के वायोमिंग में रिंकी भुइयां सरमा से जुड़ी एक कंपनी संचालित है, जिसमें मुख्यमंत्री और उनके परिवार के अन्य सदस्यों के नाम भी जुड़े हैं। इस कंपनी का बजट 3,467 करोड़ अमेरिकी डॉलर है और इसमें परिवार के सदस्यों के बीच लगभग 52,000 करोड़ रुपये के हिस्से का उल्लेख किया गया है।

पवन खेड़ा ने यह भी आरोप लगाया कि वायोमिंग जैसे स्थान का चयन इसलिए किया गया क्योंकि वहां कर संबंधी नियम अपेक्षाकृत सरल हैं और संपत्तियों को छिपाने के आरोप भी अक्सर लगते रहे हैं।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने इन दस्तावेजों को सार्वजनिक करने से पहले दो दिन तक उनका सत्यापन किया है। उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से इस पूरे मामले में विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित कर जांच कराने की मांग की। साथ ही उन्होंने चुनाव आयोग से भी इस मामले में संज्ञान लेने और हलफनामे में कथित जानकारी छिपाने के आरोपों की जांच करने की अपील की।

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हिन्दुस्थान समाचार / प्रशांत शेखर

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